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नए छात्रों से भी मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे निजी स्कूल: उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 10 May 2018 09:11 AM IST
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा
- फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि निजी स्कूल नए छात्रों से भी मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे। शुल्क नियंत्रण अध्यादेश में व्यवस्था है कि विद्यालय नए छात्रों से भी कानून के प्रावधानों के तहत एक सीमा तक ही फीस ले सकेंगे। विद्यालयों को शैक्षणिक सत्र के 60 दिन पहले शुल्क का विवरण प्रकाशित करना होगा ताकि अभिभावक अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने से पहले विभिन्न विद्यालयों की फीस का अध्ययन एवं तुलना कर पूरी तरह संतुष्ट हो लें।
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बुधवार को यहां दावा किया कि प्रदेश में निजी स्कूलों में फीस वसूली पर प्रबंधकों की मनमानी नियंत्रित करने के लिए बनाए गए कानून की देशभर में तारीफ हो रही है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दूसरे राज्यों से भी उत्तर प्रदेश के फीस नियंत्रण कानून का अध्ययन करके उसे लागू करने को कहा है। इस कानून से छात्रों और अभिभावकों का शोषण रुकेगा। साथ ही इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों का वेतन भी बढ़ाना पड़ेगा। इसीलिए निजी स्कूलों के प्रबंधन में घबराहट है।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग की सचिव संध्या तिवारी के अनुसार, सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न आदेशों का अध्ययन कर तथा निजी विद्यालय संगठनों, अभिभावकों व शिक्षक संघों से व्यापक विचार-विमर्श करके और उन पर प्राप्त आपत्तियों का निराकरण कर शुल्क नियंत्रण का अध्यादेश तैयार किया है।
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अध्यादेश में पुराने विद्यार्थियों की फीस का निर्धारण करते समय अध्यापक के वेतन में प्रति व्यक्ति औसत वृद्धि को भी आधार बनाना होगा। इसके अतिरिक्त शैक्षिक सत्र 2015-16 एवं 2017-18 को आधार मानकर फीस निर्धारण किया जाएगा।