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पिता ने अपने बेटे के लिए यूपी बोर्ड को लिखा पत्र, उसमें लिखी ये बातें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 15 Nov 2018 01:05 PM IST
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- फोटो : डेमो
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आठ वर्षीय राष्ट्रम आदित्य श्रीकृष्ण के पिता ने आचार्य ने यूपी बोर्ड सचिव को पत्र लिख उसे हाईस्कूल की परीक्षा में शामिल करने का आग्रह किया है। पिता का दावा है कि उनका पुत्र मेधावी है और इसकी परख समय-समय पर विशेषज्ञों ने भी की है। श्रीकृष्ण की अभी तक औपचारिक स्कूली शिक्षा नहीं हुई है।
घर पर ही रहकर स्कूल की पढ़ाई की है। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 14 वर्ष है। एल्डिको उद्यान-टू रक्षाखंड रायबरेली रोड निवासी पिता पवन कुमार आचार्य ने पत्र में स्षष्ट किया कि बेटे की जन्मतिथि 17 अक्तूबर 2010 है। वह अक्तूबर 2018 में आठ वर्ष की आयु पूरी कर चुका है।
यदि शासन की ओर से श्रीकृष्ण को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिलती है तो भी उसे 2019 की बोर्ड परीक्षा में शामिल करना कठिन होगा। बच्चे को 2020 की बोर्ड परीक्षा अथवा उससे आगे की परीक्षा में अवसर मिल सकता है। यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि शासन से जो निर्देश होगा, उसके मुताबिक कार्रवाई होगी।
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सात और आठ वर्षीय दो छात्राएं दे चुकी हैं परीक्षा
पवन के अनुसार, श्रीकृष्ण को परखने वाले विशेषज्ञों के सुझाव के बाद ही उन्होंने यूपी बोर्ड सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में बताया है कि यूपी बोर्ड की ओर से पूर्व में दो बार आठ वर्षीय छात्रा सुषमा वर्मा और सात वर्षीय छात्रा नैना जायसवाल को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जा चुकी है। उन्होंने बोर्ड से विशेषज्ञों की टीम बनाकर बच्चे के परीक्षण का भी आग्रह किया है।
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घर पर ही रहकर स्कूल की पढ़ाई की है। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 14 वर्ष है। एल्डिको उद्यान-टू रक्षाखंड रायबरेली रोड निवासी पिता पवन कुमार आचार्य ने पत्र में स्षष्ट किया कि बेटे की जन्मतिथि 17 अक्तूबर 2010 है। वह अक्तूबर 2018 में आठ वर्ष की आयु पूरी कर चुका है।
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यदि शासन की ओर से श्रीकृष्ण को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिलती है तो भी उसे 2019 की बोर्ड परीक्षा में शामिल करना कठिन होगा। बच्चे को 2020 की बोर्ड परीक्षा अथवा उससे आगे की परीक्षा में अवसर मिल सकता है। यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि शासन से जो निर्देश होगा, उसके मुताबिक कार्रवाई होगी।
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सात और आठ वर्षीय दो छात्राएं दे चुकी हैं परीक्षा
पवन के अनुसार, श्रीकृष्ण को परखने वाले विशेषज्ञों के सुझाव के बाद ही उन्होंने यूपी बोर्ड सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में बताया है कि यूपी बोर्ड की ओर से पूर्व में दो बार आठ वर्षीय छात्रा सुषमा वर्मा और सात वर्षीय छात्रा नैना जायसवाल को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जा चुकी है। उन्होंने बोर्ड से विशेषज्ञों की टीम बनाकर बच्चे के परीक्षण का भी आग्रह किया है।