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Lucknow News: रोग व कीट से बचाव के लिए बीज व भूमि शोधन करें किसान

Wed, 15 May 2024 02:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Wed, 15 May 2024 02:26 AM IST
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Farmers should purify seeds and land to protect themselves from diseases and pests.
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने की किसानों से अपील
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। बेहतर पैदावार के लिए किसान भूमि व बीज का शोधन करके बोआई करें। इससे पैदावार अच्छी होगी और फसलों को रोग व कीट से बचाया जा सकेगा। यह बातें जिला कृषि रक्षा अधिकारी अनिल प्रकाश मिश्रा ने मंगलवार को किसानों के नाम जारी अपील में कही है।

उन्होंने कहा कि किसान धान की नर्सरी को डैपिंग ऑफ एवं बैक्टीरियल ब्लाइट, कंडुआ (हल्दिया रोग) फफूंद जनित रोगों से बचाने के लिए बीज व भूमि का जैविक या रासायनिक विधि से शोधन अवश्य करें। इसके लिए बोआई से पूर्व ढाई ग्राम थीरम 75 प्रतिशत डीएस अथवा कार्बेन्डाजिम पचास प्रतिशत डब्ल्यूपी दो ग्राम अथवा थीरम 75 प्रतिशत डब्ल्यूएस दो ग्राम कार्बेन्डाजिम पचास प्रतिशत डब्ल्यूपी अथवा यथासंभव ट्राइकोडर्मा चार से पांच ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से शोधित करके बोआई करें। इससे बीज व भूमि जनित रोग जैसे बीज गलन, उकठा अथवा मिथ्या कंडुआ रोगों का नियंत्रण होता है। भूमि शोधन के लिए जैविक फफूंद नाशक ट्राइकोडर्मा ढाई किलोग्राम प्रति हेक्टेयर को 65 से 75 किलोग्राम गोबर की खाद में मिलाकर हल्के पानी का छींटा देकर आठ से दस दिन तक छाया में रखें। बोआई से पूर्व अंतिम जुताई पर भूमि में मिला देने से फफूंद से फैलने वाले जड़ गलन, तना सड़न, उकठा एवं झुलसा रोग से बचाव होता है।
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