...यहां किसानों पर गिरा सर्वाधिक कहर
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बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से लखनऊ मंडल में खेती किसानी पर सर्वाधिक असर उन्नाव में हुआ है। राजस्व टीम ने उन्नाव जिले में सर्वे के बाद 71 से 80 फीसदी तक खेतों में खड़ी फसल के बर्बाद हो जाने का आकलन किया है।
पीड़ित किसानों तक मुआवजा राशि जल्द पहुंचाने के लिए मंडलायुक्त महेश कुमार गुप्त ने बुधवार को उन्नाव, लखीमपुर, सीतापुर व हरदोई जिले में चौपट हुई फसल की सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी।
लखनऊ व रायबरेली जिले में नए सिरे से सर्वे की रिपोर्ट गुरुवार तक तैयार होगी। इसके बाद इन दोनों जिलों में हुए नुकसान का ब्यौरा शासन को भेजा जाएगा।
मंडलायुक्त स्तर पर तैयार रिपोर्ट में सर्वाधिक बर्बादी उन्नाव जिले में दर्शाते हुए दो किसानों द्वारा मौत को गले लगाने की बात कही गई है।
आलू की खेती 80 फीसदी चौपट
गुप्त ने बताया कि राजस्व टीम ने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में किए स्थलीय सर्वेक्षण में पाया कि 10,064 हेक्टेयर खेत में गेहूं, अन्य फसलें व आलू की खेती 80 फीसदी तक चौपट हो गई है।
इसके आधार पर उन्नाव जिले के 197 किसानों व उनके परिवारीजनों को राज्य सरकार के साथ ही केंद्र द्वारा घोषित मुआवजा राशि दिलाने की संस्तुति की गई है। इसके अलावा मंडल के लखीमपुर जिले में 60 से 40 फीसदी, सीतापुर में 50 से 60 और हरदोई में 65 से 70 फीसदी फसल बर्बाद हुई है।
मंडलायुक्त ने बताया कि लखनऊ व रायबरेली के जिलाधिकारियों ने फसलों को हुए नुकसान का सर्वे नए सिरे से कराया है। उन्होंने इसकी संशोधित रिपोर्ट गुरुवार तक देने की बात कही है।
लखनऊ जिले में सर्वे की स्थलीय मॉनिटरिंग कर रहे अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व धनंजय शुक्ला ने बताया कि चारों तहसीलों की नई सर्वे रिपोर्ट गुरुवार को दोपहर तीन बजे तक तैयार हो जाएगी। इसके आधार पर अब फसलों की 33 फीसदी से अधिक बर्बादी झेलने वाले किसानों को भी मुआवजा राशि मिल सकेगी।