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मेहनत का फल नहीं मिलने से बेहाल हैं किसान : अखिलेश
Wed, 06 Jan 2021 02:17 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 06 Jan 2021 02:17 AM IST
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
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सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की किसान संगठनों के साथ बेनतीजा वार्ता के बाद फिर अगली तारीख तय हो गई। हर बार आधा दिन गुजारकर 2 बजे बैठक करने से ही लगता है कि भाजपा सरकार इस आंदोलन को भटकाना चाहती है। लेकिन, सत्ता का दंभ तोड़ने वाले किसानों का हौसला टूटने वाला नहीं है। अखिलेश ने कहा कि जो भाजपा सरकार एमएसपी होने पर भी अन्नदाता को बाजार में सही दाम नहीं दे पा रही है, वो काले कानून के आने के बाद क्या एमएसपी देगी? पूरे प्रदेश में अपनी मेहनत का फल नहीं मिलने से अन्नदाता बेहाल है। जबसे केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार आई है धान की लूट हुई।
गन्ना मूल्य के भुगतान में सरकार खोखले आश्वासन दे रही है। किसान अपनी बात कहने गए तो उन पर आंसू-गैस छोड़ी गई और लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि कृषि कानून में एमएसपी का प्रावधान नहीं रखा गया है। बड़े कारपोरेट की शर्तो पर किसान को अपनी फसल बेचनी होगी। किसान संगठन बार-बार इन सवालों पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांग रहे हैं, पर भाजपा सरकार उससे कतरा रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता के लिए समाजवादी लगातार सड़क पर उतर कर संघर्ष कर रहे हैं। समाजवादी सरकार ने किसानों के हित में कई योजनाएं चलाई थी।
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गन्ना मूल्य के भुगतान में सरकार खोखले आश्वासन दे रही है। किसान अपनी बात कहने गए तो उन पर आंसू-गैस छोड़ी गई और लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि कृषि कानून में एमएसपी का प्रावधान नहीं रखा गया है। बड़े कारपोरेट की शर्तो पर किसान को अपनी फसल बेचनी होगी। किसान संगठन बार-बार इन सवालों पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांग रहे हैं, पर भाजपा सरकार उससे कतरा रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता के लिए समाजवादी लगातार सड़क पर उतर कर संघर्ष कर रहे हैं। समाजवादी सरकार ने किसानों के हित में कई योजनाएं चलाई थी।
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