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पुलिस परिवार की महिलाओं का सहारा बनी ‘सखी’,पिंक बूथ से गरीब महिलाओं को दिया जाएगा मुफ्त

Sun, 31 Jan 2021 01:17 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2021 01:17 AM IST
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family of police personnel making  sanitary pads
family of police personnel making sanitary pads
लखनऊ। पुलिस लाइन में दो माह पहले हुई छोटी सी शुरुआत आज चार महिलाओं के रोजगार का साधन बन गई है। पुलिसकर्मियों के परिवार से जुड़ी ये महिलाएं सैनिटरी नैपकिन बनाने की यूनिट में श्रमदान करती हैं। रोजाना यहां करीब 70 सैनिटरी नैपकिन ‘सखी’ बनाए जा रहे हैं। इसके बदले महिलाओं को तीन हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जाता है। वामा सारथी संस्था व पुलिस कमिश्नरेट यूनिट की लगातार निगरानी कर रही है। इसकी सफलता के बाद जल्द दूसरी यूनिट खोली जाएगी।
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एसीपी महानगर व पुलिस लाइन प्राची सिंह के मुताबिक इस यूनिट की बुनियाद 29 नवंबर 2020 को रखी गई। यहां उच्च तकनीकी की मशीन लगाई गई, जिससे हाईजिनिक नैपकिन का उत्पादन हो सके। दो महीने में यूनिट से करीब 3800 पैकेट नैपकिन बनाई जा चुकी है। इनकी पैकिंग भी आकर्षक रखी गई है, ताकि बेचने में दिक्कत न हो। एसीपी ने बताया कि इस पहल को सामाजिक सरोकार से भी जोड़ा जाएगा। चिह्नित पिंक बूथों पर नैपकिन का पैकेट रखा जाएगा। महिला पुलिसकर्मी इन्हें मुफ्त में गरीब व जरूरतमंद महिलाओं को उपलब्ध कराएगी। इसकी शुरुआत चिह्नित बूथों से की जाएगी। फिर पूरे कमिश्नरेट के पिंक बूथों पर इसे उपलब्ध कराया जाएगा।
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मांग के साथ बढ़ेंगे कर्मचारी
एसीपी के मुताबिक यूनिट में फिलहाल चार महिलाओं को स्थायी रूप से नौकरी दी गई है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों के परिवार से जुड़ीं कई अन्य महिलाएं भी समय-समय पर श्रमदान भी करती हैं। यहां से बनी सैनिटरी नैपकिन अभी पुलिस लाइन की कैंटीन में 28 रुपये प्रति पैकेट (एक में 6 नैपकिन) की दर से बेची जा रही है। बाजार में मांग बढ़ने पर यूनिट में कर्मचारियों की संख्या के साथ महिलाओं का भत्ता भी बढ़ाया जाएगा।
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निजी एजेंसियों से किया जाएगा संपर्क
यूनिट में काम तेजी से होने के बाद उत्पाद को खुले बाजार में भी उतारा जाएगा। इसके लिए निजी एजेंसियों से संपर्क किया जाएगा। पहले लखनऊ फिर पूरे प्रदेश में डिस्ट्रीब्यूटरशिप दी जाएगी, ताकि यूनिट का लाभ हो और संस्थाएं सामाजिक सरोकार से जुड़े काम भी कर सकें। एसीपी के मुताबिक पुलिस कैंटीन से नैपकिन की बिक्री अच्छी हो रही है। यही मांग रही तो जल्द यह खुले बाजार में भी आ जाएगा।
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