खुशखबरी: अब 2.5 लाख तक आय वाले परिवारों को मिलेगा छात्रवृत्ति योजना का लाभ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी में छात्रवृत्ति योजना का लाभ देने के लिए अधिकतम सालाना आय सीमा बढ़ाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। अभी दो लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले परिवारों के लिए यह योजना है, जिसे बढ़ाकर ढाई लाख रुपये तक करने पर सहमति बन चुकी है। समाज कल्याण निदेशालय इस बाबत प्रस्ताव तैयार करवा रहा है। यह बढ़ोत्तरी अगले सत्र से लागू होगी।
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत हर साल करीब 60 लाख छात्र ऑनलाइन आवेदन करते हैं। केंद्र सरकार ढाई लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले परिवारों को योजना का लाभ देती है, पर यूपी में दो लाख रुपये तक आय वाले परिवारों के विद्यार्थी ही आवेदन कर सकते हैं। हाल ही में राज्य सरकार ने सभी लाभार्थियों के बैंक खाते आधार लिंक करने के निर्देश दिए हैं।
इतना ही नहीं राजस्व विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध आय प्रमाणपत्र पर भी आधार नंबर दर्ज होगा। इससे आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर आसानी से इन्कम टैक्स रिटर्न भरने वाले अभिभावकों की आय का ब्योरा मिल सकेगा। नतीजतन, गलत आय दिखाकर आवेदन करने वाले आसानी से पकड़ में आ जाएंगे।
समाज कल्याण निदेशालय के अधिकारियों का मानना है कि आधार लिंक होने से सही आय की जानकारी मिलने से बड़ी संख्या में विद्यार्थी योजना के दायरे से बाहर हो जाएंगे। इसके चलते योजना के लिए आय सीमा 50 हजार रुपये बढ़ाना मुमकिन हो सकेगा।
राज्य के साथ केंद्र सरकार भी देती है राशि
यहां बता दें कि एससी-एसटी छात्रों के लिए राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार भी राशि देती है, जबकि सामान्य व पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार अपने संसाधनों से भुगतान करती है। अधिकारियों का कहना है कि योजना में भ्रष्टाचार रुकने पर 4-5 लाख रुपये तक आय सीमा वाले परिवारों को योजना के दायरे में लाया जा सकता है, पर एससी-एसटी छात्रों के मामले में ऐसा करने से पहले केंद्र सरकार की अनुमति जरूरी होगी।
15 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे कक्षा-9 व 10 के छात्र
शासन ने कक्षा-9 व 10 के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अक्टूबर कर दी है। पहले यह तिथि 28 सितंबर थी, पर वेबसाइट की दिक्कत के चलते बड़ी संख्या में छात्र आवेदन नहीं कर सके थे। इसके चलते अंतिम तिथि आगे बढ़ाई गई है। इसी तरह से विश्वविद्यालयों के लिए सत्यापन की अंतिम तिथि भी 6 अक्टूबर से बढ़ाकर 25 अक्टूबर कर दी गई है।