फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   fake teachers case like anamika shukla found in colleges of lucknow university

लखनऊ यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में भी ‘अनामिका शुक्ला’ जैसे मामले, एक शिक्षक कई जगह नियुक्त दिखाया

Mon, 15 Jun 2020 01:04 PM IST
ishwar ashish सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 15 Jun 2020 01:04 PM IST
विज्ञापन
fake teachers case like anamika shukla found in colleges of lucknow university
प्रतीकात्मक तस्वीर
केस- 1
विज्ञापन

आशीष कुमार गुप्ता नाम के शिक्षक लखनऊ के फैजाबाद रोड और इंदिरानगर स्थित कॉलेज के साथ ही छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कटरा औरैया स्थित महाविद्यालय में पढ़ाने के लिए अनुमोदित हैं। लविवि और कानपुर विवि की वेबसाइट पर मौजूद ब्यौरे के अनुसार शिक्षक का नाम, पिता का नाम तथा उनकी जन्मतिथि भी एक ही है। एक शिक्षक एक साथ तीन जगह कैसे पढ़ा रहा है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

केस-2

लखनऊ विवि से जुड़े इंदिरानगर स्थित महाविद्यालय की वेबसाइट की सूचना के अनुसार डॉ. उजमा अफाक यहां की शिक्षिका हैं। ये छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से संबद्ध उन्नाव स्थित महाविद्यालय की भी शिक्षिका हैं, जबकि नियम इसकी कतई इजाजत नहीं देते हैं।    

विज्ञापन


केस-3

अनुराधा पांडेय को लखनऊ विवि से सहयुक्त सरोजनी नगर स्थित महाविद्यालय का शिक्षक बताया जा रहा है। लविवि की वेबसाइट पर मौजूद सूची इसकी पुष्टि भी कर रही है। यही शिक्षक कानपुर देहात के रूरा स्थित महाविद्यालय की शिक्षक भी हैं। यह महाविद्यालय छत्रपति शाहूजी महाराज कानपुर से संबद्ध है।  

विज्ञापन
विज्ञापन


एक साथ कई कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में ड्यूटी करने वाली अनामिका शुक्ला जैसे मामले लखनऊ विवि से जुड़े कालेजों में भी हैं। एक शिक्षक कई महाविद्यालयों में नियुक्त दिखाया जा रहा है। उच्च शिक्षा उत्थान समिति ने लविवि कुलसचिव के पास इसकी पूरी सूची उपलब्ध कराई है। इसको लेकर पहले भी शिकायत भी की जा चुकी है, पर लखनऊ यूनिवर्सिटी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। 
 

वित्तविहीन विद्यालयों में शिक्षक अनुमोदन में खूब फर्जीवाड़ा

राजधानी के वित्तविहीन विद्यालयों में शिक्षक अनुमोदन में खूब फर्जीवाड़ा हो रहा है। राज्य सरकार के नियमों के अनुसार कॉलेज को मान्यता लेते समय पढ़ाने वाले शिक्षकों का ब्योरा देना होता है। यह अनुमोदन नियमित शिक्षकों के लिए होता है। ऐसा शिक्षक एक साथ दो कॉलेज में नहीं पढ़ा सकता। जानकारों के अनुसार, कॉलेज तय योग्यता वाले शिक्षकों का अनुमोदन करा लेते हैं, लेकिन बाद में अनुमोदित शिक्षकों के बजाय कम वेतन पर अयोग्य शिक्षकों से पढ़ाई करवाते हैं।

प्रदेश स्तर पर बनाया जाए केंद्रीयकृत डाटा 
लविवि प्रशासन को दो और तीन-तीन कॉलेज में अनुमोदित शिक्षकों की पूरी सूची दी जा चुकी है। डिग्री स्तर के शिक्षकों का केंद्रीयकृत डाटा तैयार कर इस फर्जीवाड़े को रोका जा सकता है। इस डाटा में आधार नंबर भी डालना चाहिए।   
-जेपी सिंह, अध्यक्ष उच्च शिक्षा उत्थान समिति  

सूची की जांच करके होगी पड़ताल
शिक्षकों के अनुमोदन में होने वाले फर्जीवाड़े को विवि गंभीरता से ले रहा। अगले सप्ताह से इस पर काम किया जाएगा। किसी भी सूरत में फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - डॉ विनोद कुमार सिंह, कुलसचिव, लविवि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed