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'फेसबुक पर महिलाओं का फोटो डालना गैर इस्लामी'
लखनऊ/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 12 Aug 2013 02:06 AM IST
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इस्लाम को मानने वाले दो प्रमुख धड़ों के धर्मगुरुओं ने फेसबुक और ट्विटर पर नौजवानों, खासकर महिलाओं के प्रोफाइल बनाने और तस्वीरें पोस्ट करने को गैर इस्लामी करार दिया है।
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सुन्नी धर्मगुरु शहर काजी मौलाना अबुल इरफान मियां मोहम्मद नईमुर हलीम फरंगी महली ने कहा, आप फेसबुक पर किसी का चेहरा नहीं देख सकते और यह फैसला भी नहीं कर सकते कि आप दोस्ती करना चाहते हैं।
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प्यार और मोहब्बत के लिए असल जिंदगी में देखिए। इस तरह के वर्चुअल रिश्ते फायदेमंद नहीं होते। मुफ्ती चाहते हैं कि नौजवान वास्तविक दुनिया में रहें। उन्होंने जो हेल्पलाइन बनाई है उस पर एक महीने में एक हजार से ज्यादा फोन कॉल आ चुके हैं।
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इनमें से 50 फीसदी से अधिक फोन कॉल में इंटरनेट के इस्तेमाल के बारे में सवाल पूछे गए। शहर काजी के मुताबिक अगर कोई फेसबुक पर बिजनेस के लिए या किसी नेक मकसद से है तो उसका अकाउंट रखना जायज है।
मौलाना महिलाओं के फेसबुक पर फ्रेंड्स बनाने और तस्वीरें अपलोड करने के भी विरोधी हैं। उनका कहना है महिलाओं को फेसबुक या इंटरनेट पर कहीं भी अपनी तस्वीर पोस्ट नहीं करनी चाहिए। वे सिर्फ अपने पिता या भाई को ही चेहरा दिखा सकती हैं।
शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास नकवी के मुताबिक, हम उदारवादी हैं। तालिबान जैसी सोच नहीं रखते। पर, शरीयत महिलाओं को फेसबुक पर तस्वीरें पोस्ट करने से रोकती है। जब आम जीवन में उनके लिए हिजाब की जरूरत बताई गई है तो वे इंटरनेट पर चेहरा कैसे दिखा सकती हैं।
शिया और सुन्नी समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन दोनों धर्मगुरुओं की ओर से बनाई गई हेल्पलाइन पर बड़ी संख्या में यह पूछने के लिए फोन आ रहे हैं कि सोशल मीडिया पर प्रोफाइल बनाना इस्लामिक है या नहीं।