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Lucknow News: केजीएमयू के नेफ्रोलाजी विभाग के डॉक्टर से जवाब तलब
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केजीएमयू
लखनऊ। केजीएमयू के नेफ्रोलॉजी विभाग के एक डॉक्टर पर शिकंजा कसने की तैयारी है। उन पर मरीज को निजी हॉस्पिटल भेजने और इलाज के नाम पर वसूली का आरोप है। डॉक्टर के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
आरोपी डॉक्टर से जवाब-तलब भी किया गया है। मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। यह समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट कुलपति और संबंधित अधिकारियों को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। केजीएमयू प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। विभाग प्रमुख से भी मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। प्रवक्ता केके सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक को भी भेजी जाएगी।
पूरा मामला
बस्ती के कुदरहा ब्लॉक निवासी पुष्पा (54) किडनी रोग से पीड़ित थीं। परिजन उन्हें केजीएमयू के नेफ्रोलॉजी विभाग लाए थे। आरोप है कि असिस्टेंट प्रोफेसर ने फेफड़े में संक्रमण बताकर मरीज को दुबग्गा स्थित फाह हॉस्पिटल भेजा। उन्होंने आयुष्मान से मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया, पर आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद करीब एक लाख रुपये वसूले गए। इलाज के दौरान पुष्पा की मौत हो गई, जिसके बाद बेटे विजय कुमार चौधरी ने वसूली का आरोप लगाया।
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आरोपी डॉक्टर से जवाब-तलब भी किया गया है। मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। यह समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट कुलपति और संबंधित अधिकारियों को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। केजीएमयू प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। विभाग प्रमुख से भी मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। प्रवक्ता केके सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक को भी भेजी जाएगी।
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पूरा मामला
बस्ती के कुदरहा ब्लॉक निवासी पुष्पा (54) किडनी रोग से पीड़ित थीं। परिजन उन्हें केजीएमयू के नेफ्रोलॉजी विभाग लाए थे। आरोप है कि असिस्टेंट प्रोफेसर ने फेफड़े में संक्रमण बताकर मरीज को दुबग्गा स्थित फाह हॉस्पिटल भेजा। उन्होंने आयुष्मान से मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया, पर आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद करीब एक लाख रुपये वसूले गए। इलाज के दौरान पुष्पा की मौत हो गई, जिसके बाद बेटे विजय कुमार चौधरी ने वसूली का आरोप लगाया।
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