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Lucknow News: कैलाश कुंज पुनर्विकास की योजना पर विशेषज्ञों ने किया मंथन
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बैठक में मौजूद अधिकारी और आर्किटेक्ट।
लखनऊ। केंद्र सरकार की अर्बन चैलेंज फंड योजना के तहत अयोध्या रोड के कैलाश कुंज कॉम्प्लेक्स को विकसित किया जाएगा। शुक्रवार को इसके सर्वे और योजना की जानकारी के लिए केंद्र सरकार की ओर से अधिकृत सलाहकारों की टीम ने एलडीए अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के प्रतिनिधि ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि कैलाश कुंज कॉम्प्लेक्स का पुनर्विकास सरकार की नीति के तहत नए सिरे से किया जाना है। यह योजना लगभग 350 करोड़ रुपये की है जिसमें 25 फीसदी धनराशि केंद्र सरकार की अर्बन चैलेंज फंड योजना से मिलेगी। उसको लेकर ही आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारी आए थे। उनके साथ गुजरात व महाराष्ट्र के विशेषज्ञ आर्किटेक्ट भी बैठक में मौजूद थे। उन्होंने पुनर्विकास परियोजना के प्रस्तावित स्वरूप और विकास संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
विशेषज्ञों ने महाराष्ट्र के ठाणे एवं वसई-विरार तथा गुजरात के सूरत एवं साबरमती में हाई स्पीड रेल स्टेशन क्षेत्र के विकास से संबंधित मॉडल एवं अनुभवों को साझा किया। हाई स्पीड रेल स्टेशन क्षेत्र के सुनियोजित विकास से संबंधित जानकारियां भी दीं। शहर में दिल्ली से आने वाली हाई स्पीड ट्रेन के लिए स्टेशन बनने हैं जिनके लिए जमीन चिन्हित की जा रही है। बैठक में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी की ओर से एस. अकुमुरा और काजुकी योशिओका ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया।
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उन्होंने परियोजना के संबंध में अपने सुझाव और विचार साझा किए। बैठक में हाई स्पीड परियोजना के प्रस्तावित विकास, व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी तथा मेट्रो कॉरिडोर से एकीकृत करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। मेट्रो रूट पर 500 मीटर दूरी तक सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए बहुमंजिला इमारतें बनाई जा सकती हैं। ऐसे में इस पर चर्चा हुई कितनी ऊंची नई इमारत कैलाश कुंज की जगह पर बन सकती है। साथ ही परिवहन केंद्रित शहरी नियोजन के अनुरूप परियोजना को विकसित करने के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
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एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि कैलाश कुंज कॉम्प्लेक्स का पुनर्विकास सरकार की नीति के तहत नए सिरे से किया जाना है। यह योजना लगभग 350 करोड़ रुपये की है जिसमें 25 फीसदी धनराशि केंद्र सरकार की अर्बन चैलेंज फंड योजना से मिलेगी। उसको लेकर ही आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारी आए थे। उनके साथ गुजरात व महाराष्ट्र के विशेषज्ञ आर्किटेक्ट भी बैठक में मौजूद थे। उन्होंने पुनर्विकास परियोजना के प्रस्तावित स्वरूप और विकास संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
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विशेषज्ञों ने महाराष्ट्र के ठाणे एवं वसई-विरार तथा गुजरात के सूरत एवं साबरमती में हाई स्पीड रेल स्टेशन क्षेत्र के विकास से संबंधित मॉडल एवं अनुभवों को साझा किया। हाई स्पीड रेल स्टेशन क्षेत्र के सुनियोजित विकास से संबंधित जानकारियां भी दीं। शहर में दिल्ली से आने वाली हाई स्पीड ट्रेन के लिए स्टेशन बनने हैं जिनके लिए जमीन चिन्हित की जा रही है। बैठक में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी की ओर से एस. अकुमुरा और काजुकी योशिओका ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया।
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उन्होंने परियोजना के संबंध में अपने सुझाव और विचार साझा किए। बैठक में हाई स्पीड परियोजना के प्रस्तावित विकास, व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी तथा मेट्रो कॉरिडोर से एकीकृत करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। मेट्रो रूट पर 500 मीटर दूरी तक सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए बहुमंजिला इमारतें बनाई जा सकती हैं। ऐसे में इस पर चर्चा हुई कितनी ऊंची नई इमारत कैलाश कुंज की जगह पर बन सकती है। साथ ही परिवहन केंद्रित शहरी नियोजन के अनुरूप परियोजना को विकसित करने के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।