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Lucknow News: सरकार, उद्योग और शोध संस्थानों की रणनीतिक साझेदारी से सौर ऊर्जा को विस्तार
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इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुआ सौर ऊर्जा का कार्यक्रम
लखनऊ। सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (सीएआरडी) की ओर से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (आईजीपी) में बुधवार को हुए उत्तर प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन में विशेषज्ञों ने सरकार, उद्योग और शोध संस्थानों के बीच रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। इस दौरान प्रदेश में सौर ऊर्जा को नया विस्तार देने के लिए सत्या सोलर के प्रबंध निदेशक पार्थ गुप्ता को सम्मानित भी किया गया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी बात पैनल इंस्टॉलेशन के बाद आती है। हमने यह सुनिश्चित किया कि हमारे ग्राहकों को लगातार सहयोग मिलता रहे।
मुख्य अतिथि और यूपीनेडा के निदेशक रविंदर सिंह ने कहा कि ऐसे सम्मेलनों का आयोजन बार बार होना चाहिए। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के लिए सरकार, उद्योग, अकादमिक जगत और समुदायों के बीच सहयोग को जरूरी बताया। सीएआरडी के निदेशक डॉ. अरिंदम रॉय ने कार्ययोजना बताते हुए कहा कि आने वाला भविष्य नवीकरणीय ऊर्जा की है। केएलके वेंचर्स के निदेशक अक्षत जैन ने नवाचारपूर्ण नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों के समर्थन की प्रतिबद्धता जताई। यूपी समन्वय समिति के अध्यक्ष मुकुल बहादुर सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सम्मेलन में उद्योग सहयोग को मजबूत करने और भविष्य की नीतिगत रूपरेखा तैयार करने के लिए तकनीकी सत्र भी हुए। सीएआऱी के अध्यक्ष एमेरिटस डॉ. अनिस अंसारी ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा समाधान तभी टिकाऊ होते हैं जब सब सक्रिय सहभागी बनते हैं।
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- आईजीपी में लगे एक्सपो में कंपनियों ने प्रदर्शित की तकनीक
एक्सपो में नोएडा से आई कंपनी के प्रतिनिधि यश हथवाल बताते हैं कि उनका सोलर लाइट प्रोजेक्ट सरकार के साथ मिलकर चल रहा है। यह ऐसे गांवों को रोशन कर रहा है जहां पर अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। प्रदेश के कुशीनगर, पीलीभीत व खीरी के कुछ गांव ऐसे हैं जहां पर बिजली कनेक्शन नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में वहां पर नेडा सोलर लाइटें लगवा रहा है। दो किलोवाट के पैनल के साथ पावर पैक भी मिलता है, जिससे बिजली स्टोर रहती है। इसकी कीमत वैसे तो 40 हजार रुपये तक है, लेकिन निजी उपयोग के लिए अभी बिक्री के लिए नहीं है।
वहीं, लखनऊ के ही योगी त्रिपाठी ने सोलर चार्जर से पुराने सेलों को हजारों बार चार्ज कर इस्तेमाल करने की तकनीक बताई। उन्होंने बताया कि आम तौर पर हम रिमोट व अन्य उपयोग के लिए सेल का इस्तेमाल करते हैं और फेंक देते हैं, लेकिन बाजार में ऐसे सेल भी उपलब्ध हैं, जिन्हें दोबारा चार्ज किया जा सकता है। यह सेल कैमरे की दुकानों पर आसानी से मिल जाते हैं, जिन्हें सोलर चार्जर से चार्ज कर हजारों बार इस्तेमाल किया जा सकता है। वह इसके लिए जरूरी कंपोनेंट बनाते हैं, जिससे पतला सेल भी कंपोनेंट में फिट होकर आसानी से चार्ज हो जाए। बताया कि उनके उत्पाद ऑनलाइन भी उपलब्ध रहते हैं।
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मुख्य अतिथि और यूपीनेडा के निदेशक रविंदर सिंह ने कहा कि ऐसे सम्मेलनों का आयोजन बार बार होना चाहिए। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के लिए सरकार, उद्योग, अकादमिक जगत और समुदायों के बीच सहयोग को जरूरी बताया। सीएआरडी के निदेशक डॉ. अरिंदम रॉय ने कार्ययोजना बताते हुए कहा कि आने वाला भविष्य नवीकरणीय ऊर्जा की है। केएलके वेंचर्स के निदेशक अक्षत जैन ने नवाचारपूर्ण नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों के समर्थन की प्रतिबद्धता जताई। यूपी समन्वय समिति के अध्यक्ष मुकुल बहादुर सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सम्मेलन में उद्योग सहयोग को मजबूत करने और भविष्य की नीतिगत रूपरेखा तैयार करने के लिए तकनीकी सत्र भी हुए। सीएआऱी के अध्यक्ष एमेरिटस डॉ. अनिस अंसारी ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा समाधान तभी टिकाऊ होते हैं जब सब सक्रिय सहभागी बनते हैं।
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- आईजीपी में लगे एक्सपो में कंपनियों ने प्रदर्शित की तकनीक
एक्सपो में नोएडा से आई कंपनी के प्रतिनिधि यश हथवाल बताते हैं कि उनका सोलर लाइट प्रोजेक्ट सरकार के साथ मिलकर चल रहा है। यह ऐसे गांवों को रोशन कर रहा है जहां पर अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। प्रदेश के कुशीनगर, पीलीभीत व खीरी के कुछ गांव ऐसे हैं जहां पर बिजली कनेक्शन नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में वहां पर नेडा सोलर लाइटें लगवा रहा है। दो किलोवाट के पैनल के साथ पावर पैक भी मिलता है, जिससे बिजली स्टोर रहती है। इसकी कीमत वैसे तो 40 हजार रुपये तक है, लेकिन निजी उपयोग के लिए अभी बिक्री के लिए नहीं है।
वहीं, लखनऊ के ही योगी त्रिपाठी ने सोलर चार्जर से पुराने सेलों को हजारों बार चार्ज कर इस्तेमाल करने की तकनीक बताई। उन्होंने बताया कि आम तौर पर हम रिमोट व अन्य उपयोग के लिए सेल का इस्तेमाल करते हैं और फेंक देते हैं, लेकिन बाजार में ऐसे सेल भी उपलब्ध हैं, जिन्हें दोबारा चार्ज किया जा सकता है। यह सेल कैमरे की दुकानों पर आसानी से मिल जाते हैं, जिन्हें सोलर चार्जर से चार्ज कर हजारों बार इस्तेमाल किया जा सकता है। वह इसके लिए जरूरी कंपोनेंट बनाते हैं, जिससे पतला सेल भी कंपोनेंट में फिट होकर आसानी से चार्ज हो जाए। बताया कि उनके उत्पाद ऑनलाइन भी उपलब्ध रहते हैं।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुआ सौर ऊर्जा का कार्यक्रम

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