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कवायद : राम मंदिर को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए तीन दिशा में बन रही सुरक्षा दीवार, रिटेनिंग वॉल की नींव का काम पूरा
Thu, 09 Jun 2022 08:55 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
संवाद न्यूज़ एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज़ एजेंसी, अयोध्या
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 09 Jun 2022 08:55 PM IST
सार
डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि गर्भगृह के लिए आवश्यक वंशी पहाड़पुर के पत्थर तैयार हैं। थोड़े पत्थर बचे हैं जो शीघ्र ही तैयार होकर रामजन्मभूमि परिसर पहुंच जाएंगे। बताया कि प्रथम तल में सर्वाधिक स्तंभ होंगे, इस तरह प्रथम तल में कुल 162 स्तंभ लगाए जाने हैं, जिन पर मंदिर टिका होगा। इन स्तंभों की भव्य नक्काशी भी आकर्षण बढ़ाएगी।
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मंदिर को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए बनाई जा रही रिटेनिंग वॉल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राम जन्मभूमि परिसर में रामलला के गृह निर्माण का काम एक जून से हो रहा है। गृह निर्माण के साथ-साथ प्लिंथ व मंदिर को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) का भी निर्माण चल रहा है। 12 मीटर गहरी सुरक्षा दीवार की नींव का काम अब पूरा हो चुका है। बरसात शुरू होने से पहले रिटेनिंग वॉल का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।
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राम जन्मभूमि परिसर में निर्माणाधीन राममंदिर को प्राकृतिक आपदाओं भूकंप, बाढ़ आदि से बचाने के लिए रिटेनिंग वॉल बनाई जा रही है। यह सुरक्षा दीवार मंदिर की तीन दिशाओं पश्चिम, उत्तर व दक्षिण में बनाई जा रही हैं। चूंकि पश्चिम दिशा में सरयू की धारा मंदिर से नजदीक है ऐसे में इस दिशों में मंदिर को बाढ़ आदि के खतरे से बचाने के लिए सबसे पहले दीवार बनाने का काम शुरू हुआ। तीनों दिशा में रिटेनिंग वॉल की नींव का काम पूरा हो चुका है।
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यह दीवार जमीन में 12 मीटर गहराई में है, इसमें ग्रेनाइट के पत्थरों को बिछाकर एक चट्टान का रूप दिया गया है। ग्रेनाइट के पत्थरों में पानी के रिसाव को सोखने की क्षमता होती है, इसलिए यह दीवार मंदिर को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगी। नींव का काम पूरा होने के बाद अब फील्ड मैटेरियल बिछाकर दीवार को मजबूती प्रदान की जाएगी। बरसात शुरू होने से पहले सुरक्षा दीवार तैयार करने का लक्ष्य है ताकि बरसात के दौरान कार्य में कोई बाधा न हो।
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राममंदिर के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि राममंदिर के गर्भगृह, प्लिंथ व रिटेनिंग वॉल निर्माण का काम एक साथ चल रहा है। सुरक्षा दीवार की नींव का काम पूरा हो चुका है। वहीं दूसरी तरफ राममंदिर के प्लिंथ का काम भी तेजी से चल रहा है। ग्रेनाइट के पत्थरों से राममंदिर की प्लिंथ बनाई जा रही है। प्लिंथ में ग्रेनाइट के पत्थरों के 17 हजार पीस लगने हैं, जिसमें से अब तक 6500 पत्थर लग चुके हैं। दिसंबर 2023 तक गर्भगृह का काम पूरा करने के लक्ष्य के सापेक्ष ही काम आगे बढ़ रहा है।
रामलला के गृह निमार्ण कार्य में तेजी लाने की तैयारी
अभी गर्भगृह की महापीठ का निर्माण कार्य चल रहा है। सबसे पहले महापीठ तैयार की जाएगी। जहां रामलला चारों भाईयों सहित बाल रूप में विराजित होंगे। गर्भगृह के साथ ही राममंदिर के सिंहद्वार, नृत्य मंडप, रंग मंडप का भी निर्माण कार्य पूरा करने की योजना है। मंदिर के प्रवेश द्वार को सिंहद्वार कहा जाएगा। जहां पहुंचते ही भक्तों को रामलला के दिव्य छवि का दर्शन प्राप्त होने लगेगा। शीघ्र ही गर्भगृह निर्माण की गति तेज की जाएगी। अभी जहां प्रतिदिन 15 पत्थर बिछाए जा रहे हैं आगे हर रोज कम से कम 100 पत्थर बिछाए जाएं इसकी योजना है।
162 स्तंभों पर टिका होगा राम मंदिर का भूतल
राम मंदिर के भूतल के निर्माण में कुल 1.50 लाख घनफीट पत्थरों का प्रयोग होना है। जबकि तीन मंजिला मंदिर में कुल 4.50 लाख घनफीट पत्थर लगेंगे। गर्भगृह के लिए अभी तक करीब सवा लाख घनफीट पत्थर तैयार हैं। डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि गर्भगृह के लिए आवश्यक वंशी पहाड़पुर के पत्थर तैयार हैं। थोड़े पत्थर बचे हैं जो शीघ्र ही तैयार होकर रामजन्मभूमि परिसर पहुंच जाएंगे। बताया कि प्रथम तल में सर्वाधिक स्तंभ होंगे, इस तरह प्रथम तल में कुल 162 स्तंभ लगाए जाने हैं, जिन पर मंदिर टिका होगा। इन स्तंभों की भव्य नक्काशी भी आकर्षण बढ़ाएगी।