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यूपीः सत्यापन रिपोर्ट के इंतजार में अटकी बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की जांच
Mon, 24 Aug 2020 02:06 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 24 Aug 2020 02:06 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की जांच माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और विभिन्न विश्वविद्यालयों की सत्यापन रिपोर्ट के इंतजार में अटकी हुई है। सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद ही जांच पूरी हो सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 जून को आयोजित बैठक में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के राजकीय और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज की जांच के निर्देश दिए थे।
तीनों विभागों ने जांच के लिए जिला स्तर पर अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। हर जिले में जांच समिति ने जिन शिक्षकों के दस्तावेजों को संदिग्ध माना है। उन्हें संबंधित शिक्षा बोर्ड और विश्वविद्यालय को सत्यापन के लिए भेजा है।
हजारों की संख्या में ऐसे शिक्षक हैं, जिन्होंने देश के अन्य प्रदेशों के शिक्षा बोर्ड और विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल की है। ऐसे में उनके दस्तावेज सत्यापन के लिए अन्य प्रदेशों में भेजे गए हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि यूपी बोर्ड और प्रदेश के विश्वविद्यालय भी समय पर सत्यापन रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। संदिग्ध दस्तावेजों की सत्यापन रिपोर्ट मिलने तक जांच पूरी नहीं हो सकती है। ऐसे में निर्धारित समय से एक महीना बाद 30 अगस्त तक भी जांच पूरी नहीं हो सकेगी।
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तीनों विभागों ने जांच के लिए जिला स्तर पर अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। हर जिले में जांच समिति ने जिन शिक्षकों के दस्तावेजों को संदिग्ध माना है। उन्हें संबंधित शिक्षा बोर्ड और विश्वविद्यालय को सत्यापन के लिए भेजा है।
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हजारों की संख्या में ऐसे शिक्षक हैं, जिन्होंने देश के अन्य प्रदेशों के शिक्षा बोर्ड और विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल की है। ऐसे में उनके दस्तावेज सत्यापन के लिए अन्य प्रदेशों में भेजे गए हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि यूपी बोर्ड और प्रदेश के विश्वविद्यालय भी समय पर सत्यापन रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। संदिग्ध दस्तावेजों की सत्यापन रिपोर्ट मिलने तक जांच पूरी नहीं हो सकती है। ऐसे में निर्धारित समय से एक महीना बाद 30 अगस्त तक भी जांच पूरी नहीं हो सकेगी।
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