{"_id":"5f782ebd5572f0248f42f36a","slug":"ews-class-houses-will-be-built-on-9-meter-wide-road","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): अब 9 मीटर चौड़ी सड़क पर भी बनेंगे ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): अब 9 मीटर चौड़ी सड़क पर भी बनेंगे ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकान
Sat, 03 Oct 2020 01:26 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 03 Oct 2020 01:26 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : डेमो फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई) के अंतर्गत अब 9 मीटर चौड़ी सड़क पर भी ईडब्ल्यूएस श्रेणी के आवास बनेंगे। अब तक सिर्फ 12 मीटर चौड़ी सड़क की बाध्यता थी। इसके लिए आवास विभाग ने संशोधित नीति जारी कर दिया है। इसमें पीएमएवाई के ‘अफॉर्डेबल-सबके लिए आवास’ और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकानों के मानक में भी खास रियायत दी गई है।
विज्ञापन
हालांकि इसमें आवंटित आवास को तुरंत बेचने की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। अब मूल आवंटी न्यूनतम पांच साल के बाद ही आवंटित आवास को बेच सकेगा। संशोधित नीति के मुताबिक न्यूनतम सड़कों के लिए 9 मीटर की चौड़ाई का मानक सिर्फ दो हेक्टेयर के क्षेत्रफल वाली आवासीय योजना में ही लागू होंगी। जबकि 2 से 5 हेक्टेयर वाली योजनाओं में 12 मीटर, 5 से 10 हेक्टेयर वाली योजनाओं में 18 मीटर और इससे अधिक क्षेत्रफल वाली आवासीय योजनाओं के लिए 24 मीटर चौड़ी सड़क का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
चार लाख आवास बनाने का लक्ष्य
गौरतलब है कि पीएमएवाई के ‘अफॉर्डेबल-सबके लिए आवास’ घटक में 4 लाख आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मगर योजना के कड़े मानकों की वजह से कोई भी बिल्डर मकान बनाने के लिए सामने नहीं आ रहा है। इसलिए आवास विभाग ने योजना के तहत मकान बनाने संबंधी नीतियों को संशोधित कर बिल्डरों को आकर्षित करने का प्रयास कर रहा है।
जैसे ईडब्ल्यूएस आवास की संख्या ढाई सौ से अधिक होने पर अन्य श्रेणी के मकानों को अलग-अलग भूखंडों पर बनाने की अनुमति दिए जाने की व्यवस्था भी की गई है।
जैसे ईडब्ल्यूएस आवास की संख्या ढाई सौ से अधिक होने पर अन्य श्रेणी के मकानों को अलग-अलग भूखंडों पर बनाने की अनुमति दिए जाने की व्यवस्था भी की गई है।