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महिला कंडक्टर से छेड़खानी, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, भागा आरोपी
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Thu, 06 Jul 2017 01:49 PM IST
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पीजीआई थाने के सामने खड़ी रायबरेली डिपो की बस
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के पीजीआई इलाके में रायबरेली डिपो की महिला परिचालक के साथ युवक ने छेड़खानी की। विरोध पर आरोपी मारपीट पर उतारू हो गया। परेशान परिचालक ने बस पीजीआई थाने के सामने खड़ी कर दी।
इसके बाद पुलिस से शिकायत की। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस बीच मौका देखकर आरोपी युवक थाने के सामने से बाइक सवार के साथ भाग निकला। काफी देर तक इंतजार करने के बाद पीड़िता चली गई। वहीं, पुलिस घटना से इंकार कर रही है।
जानकारी के अनुसार, रायबरेली डिपो की बस सवारियां लेकर चारबाग से निकली थी। बस में महिला परिचालक थी। पीजीआई थानाक्षेत्र के तेलीबाग चौराहे पर एक युवक बस में चढ़ा।
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परिचालक के पूछने पर उसने घर जाने की बात कही। इसके बाद टिकट लेने को कहा तो वह आनाकानी करने लगा। परिचालक ने दबाव बनाया तो वह बदतमीजी करने लगा। विरोध पर मारपीट पर उतारू हो गया। इस दौरान किसी भी सवारी ने पीड़िता की मदद नहीं की।
थाने के सामने बस रुकवाकर पीड़िता ने ड्राइवर की मदद से युवक को थाने में ले गई। पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला परिचालक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले तहरीर लिखने को कहा।
इसके बाद तहरीर लेकर चुपचाप बैठी रही। बार-बार रिपोर्ट दर्ज कर युवक को हवालात में डालने की सिफारिश करती रही लेकिन, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परेशान होकर वह घंटेभर बाद सवारी से भरी बस लेकर चली गई। वहीं, पुलिस घटना से इंकार कर रही है।
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इसके बाद पुलिस से शिकायत की। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस बीच मौका देखकर आरोपी युवक थाने के सामने से बाइक सवार के साथ भाग निकला। काफी देर तक इंतजार करने के बाद पीड़िता चली गई। वहीं, पुलिस घटना से इंकार कर रही है।
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जानकारी के अनुसार, रायबरेली डिपो की बस सवारियां लेकर चारबाग से निकली थी। बस में महिला परिचालक थी। पीजीआई थानाक्षेत्र के तेलीबाग चौराहे पर एक युवक बस में चढ़ा।
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परिचालक के पूछने पर उसने घर जाने की बात कही। इसके बाद टिकट लेने को कहा तो वह आनाकानी करने लगा। परिचालक ने दबाव बनाया तो वह बदतमीजी करने लगा। विरोध पर मारपीट पर उतारू हो गया। इस दौरान किसी भी सवारी ने पीड़िता की मदद नहीं की।
थाने के सामने बस रुकवाकर पीड़िता ने ड्राइवर की मदद से युवक को थाने में ले गई। पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला परिचालक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले तहरीर लिखने को कहा।
इसके बाद तहरीर लेकर चुपचाप बैठी रही। बार-बार रिपोर्ट दर्ज कर युवक को हवालात में डालने की सिफारिश करती रही लेकिन, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परेशान होकर वह घंटेभर बाद सवारी से भरी बस लेकर चली गई। वहीं, पुलिस घटना से इंकार कर रही है।
थाने में नहीं था एसआई
डेमो
- फोटो : डेमो पिक
पुलिस के द्वारा मदद नहीं मिली तो निराश परिचालक ने रायबरेली के एआरएम आरपी सिंह को फोन कर वारदात की जानकारी दी। उन्होंने तत्काल मुकदमा दर्ज कराने को कहा।
उसने एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की। इस बीच मौका देख आरोपी युवक थाने के सामने से बाइक सवार के साथ भाग निकला। पुलिस के लचर रवैए की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कह महिला परिचालक बस लेकर चली गई।
पीड़िता ने बताया कि बस एक घंटे तक रुकी रही। लेकिन थाने में कोई एसआई मौजूद नहीं था। सिपाही बार-बार कार्रवाई के लिए एसआई के आने का इंतजार करने को कह रहे थे। करीब एक घंटे तक कोई दरोगा नहीं पहुंचा तो सवारियां हंगामा करने लगी। इसके बाद वह बस लेकर चली आई।
‘टिकट काटने को लेकर यात्री और महिला परिचालक के बीच विवाद हुआ था। यात्री वकील था। यात्री का कहना था कि टिकट सीट पर आकर काटिए। परिचालक ने उसे अपनी सीट पर बुलाकर सीट टिकट लेने को कहा। इसे लेकर दोनों में कहासुनी हुई। इस दौरान परिचालक ने बस थाने के सामने रुकवा दी और थाने में तहरीर दी। इस बीच सवारियों ने दोनों के बीच समझौता कराया और चले गए।’ - बृजेश कुमार राय एसओ पीजीआई
उसने एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की। इस बीच मौका देख आरोपी युवक थाने के सामने से बाइक सवार के साथ भाग निकला। पुलिस के लचर रवैए की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कह महिला परिचालक बस लेकर चली गई।
पीड़िता ने बताया कि बस एक घंटे तक रुकी रही। लेकिन थाने में कोई एसआई मौजूद नहीं था। सिपाही बार-बार कार्रवाई के लिए एसआई के आने का इंतजार करने को कह रहे थे। करीब एक घंटे तक कोई दरोगा नहीं पहुंचा तो सवारियां हंगामा करने लगी। इसके बाद वह बस लेकर चली आई।
‘टिकट काटने को लेकर यात्री और महिला परिचालक के बीच विवाद हुआ था। यात्री वकील था। यात्री का कहना था कि टिकट सीट पर आकर काटिए। परिचालक ने उसे अपनी सीट पर बुलाकर सीट टिकट लेने को कहा। इसे लेकर दोनों में कहासुनी हुई। इस दौरान परिचालक ने बस थाने के सामने रुकवा दी और थाने में तहरीर दी। इस बीच सवारियों ने दोनों के बीच समझौता कराया और चले गए।’ - बृजेश कुमार राय एसओ पीजीआई