'डकैतों नहीं शेरों के नाम से जाना जाएगा इटावा'
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट लॉयन सफारी का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने ब्रीडिंग हाउस में मौजूद शेरों को देखने का प्रयास किया, लेकिन शेर शोरशराबे के चलते बाहर नहीं निकले।
बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि केंद्र में सपा की सरकार बनती तो पचनदा क्षेत्र भी विकसित हो सकता था। उन्होंने बताया कि सरकार और टूरिज्म विभाग की कोशिश है कि आगरा से वाराणसी तक जो हेरीटेज आर्क है, उसे टूरिज्म के लिहाज से विकसित किया जाए। इस पर तेजी से काम चल रहा है।
अखिलेश अपने निर्धारित कार्यक्रम से पौने दो घंटे देरी से अपराह्न करीब 3.30 बजे लॉयन सफारी पहुंचे। तकरीबन 45 मिनट तक यहां रहे। ब्रीडिंग सेंटर एरिया में उन्होंने पारिजात का एक पेड़ भी लगाया। यहां आते ही दो नंबर ब्रीडिंग सेंटर के बाड़े की ओर गए। इस बाड़े में बब्बर शेर गीगो व हीर को रखा गया है।
कीपर ने शेरों को बाहर निकालने के लिए कई बार आवाज भी लगाई, लेकिन शोरगुल के चलते शेरों का जोड़ा बाहर नहीं आया। हालांकि मीडिया से बातचीत के दौरान शेर की दहाड़ जरूर गूंजी, जिसे सुनकर मुख्यमंत्री तुरंत बोले कि यह आवाज और सुनने को मिले। इसी वजह से लॉयन सफारी को भव्य रूप देकर इसे जल्द से जल्द तैयार करवाया जा रहा है।
बनेगा एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर
अखिलेश ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि शेरों के अलावा अन्य जानवर भी यहां आएं। इस पर सरकार ने एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। जगह आदि की परमीशन लेने के प्रयास हो रहे हैं।
साथ ही प्रदेश का जो हेरीटेज आर्क है। उसमें कई ऐसे इलाके हैं, मसलन इत्र के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध कन्नौज, लॉयन सफारी के लिए इटावा, फर्रुखाबाद आदि में टूरिस्ट आ सकते हैं। इसके लिए जरूरी सड़क आदि इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार कर लिया जाएगा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस से काफी लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अब इटावा को चंबल के डकैतों के नाम से नहीं लॉयन के नाम से जाना जाएगा। पचनदा के विकास के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश की सरकार बनती तो पचनदा जरूर बनाते।
पचनदा खुशहाली तरक्की से जुड़ सकता है यदि पानी रोका जा सके। कोई डेम इतना बड़ा बन जाए, जिससे बुंदेलखंड के इलाके में पानी ले जा सकें। फिर भी इस पर यदि कोई प्रस्ताव भेजना जरूरी हुआ तो वह केंद्र सरकार को भेजेंगे।
यमुना को सफाई अभियान से जोड़ने की मांग की
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार नदियों की सफाई पर ज्यादा ध्यान दे रही है, लेकिन सिर्फ एक नदी की सफाई से सभी नदियां साफ नहीं होंगी। यमुना की गंदगी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे आसपास काली यमुना घूम रही है। इसे भी सफाई अभियान से जोड़ा जाए, क्योंकि यह भी गंगा में ही जाकर जुड़ती है।
हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा कि कुछ लोगों ने जो गंगा सफाई की जिम्मेदारी ली है, उसमें जो सहयोग उत्तर प्रदेश की सरकार को करना होगा वह हमारी ओर से होगा।
मुख्यमंत्री श्री यादव ने कहा कि अच्छे दिन के साथ साथ और जो बातें घोषणा पत्र में रखी थीं, केंद्र सरकार उन्हें पूरा करे। प्रदेश की जनता आंकलन जरूर कर रही है कि आखिरकार उनको क्या मिल रहा है। जब सौ दिन में उसे कुछ नहीं मिला, तो उप चुनाव का परिणाम सबने देखा है। सभी वर्गों ने मिलकर समाजवादियों की मदद की है, तभी इतना अच्छा परिणाम सपा के पक्ष में आया है।
इस दौरान मौके पर प्रमुख वन संरक्षक रूपक डे, पुलिस महानिरीक्षक कानपुर जोन आशुतोष पांडेय, डीआईजी नीलाब्जा चौधरी, डीएम नितिन बंसल, एसएसपी डा. राकेश सिंह, सफारी डायरेक्टर केके सिंह आदि तमाम अधिकारी और समाजवादी पार्टी के लोग मौजूद रहे।
शेरों की बीमारी के सवाल को टाला
लॉयन सफारी में बब्बर शेर विष्णु व शेरनी लक्ष्मी की बीमारी के सवाल पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हंस कर टालने की कोशिश की, बोले कि यह तो दो लोग ही बता सकते हैं, एक डाक्टर और दूसरे पत्रकार।