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बदलाव: ऑफलाइन नहीं भेजे जा सकेंगे ग्रामीण सड़कों के एस्टीमेट, शासन के कड़े रुख के बाद PWD ने बदला अपना आदेश
Sat, 13 Aug 2022 09:05 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 13 Aug 2022 09:05 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश में अब ग्रामीण सड़कों के एस्टीमेट ऑफलाइन नहीं भेजे जा सकेंगे। शासन के कड़े रुख के बाद पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने अपना आदेश बदल लिया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश में ग्रामीण मार्गों के एस्टीमेट (आगणन) ऑफलाइन नहीं भेजे जा सकेंगे। शासन के कड़े रुख के बाद पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने अपने आदेश में बदलाव किया है। दरअसल, कुछ समय पहले पीडब्ल्यूडी मंत्री ने एस्टीमेटर एप का उद्घाटन किया था।
इसके बाद वर्ष 2022-23 में एस्टीमेटर के माध्यम से मार्गों के नवनिर्माण के एस्टीमेट ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। 13 जुलाई को मुख्य अभियंता, मुख्यालय-1 कार्यालय से सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं को निर्देश दिए गए कि 250 से अधिक आबादी के एक एक किलोमीटर या इससे अधिक लंबाई के एस्टीमेट ऑनलाइन ही भेजे जाएं।
इसके बाद 8 अगस्त को मुख्य अभियंता, मुख्यालय-1 केही दफ्तर से सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं को एक और पत्र भेजा गया। इसमें कहा गया है कि एस्टीमेटर एप से प्राप्त आगणनों में कई प्रकार की कमियां पाई हैं। इससे आगणनों के परीक्षण में कठिनाई आ रही है।
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इसलिए एस्टीमेटर में अपेक्षित संशोधन और जिला व क्षेत्रीय स्तर पर प्रशिक्षण पूर्ण होने तक मुख्यालय को सभी एस्टीमेट ऑफलाइन भेजे जाएं। लेकिन ऑफलाइन एस्टीमेट मंगाने पर उच्चस्तर से आपत्ति की गई। सूत्रों के मुताबिक संबंधित अभियंताओं की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।
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इसके बाद वर्ष 2022-23 में एस्टीमेटर के माध्यम से मार्गों के नवनिर्माण के एस्टीमेट ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। 13 जुलाई को मुख्य अभियंता, मुख्यालय-1 कार्यालय से सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं को निर्देश दिए गए कि 250 से अधिक आबादी के एक एक किलोमीटर या इससे अधिक लंबाई के एस्टीमेट ऑनलाइन ही भेजे जाएं।
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इसके बाद 8 अगस्त को मुख्य अभियंता, मुख्यालय-1 केही दफ्तर से सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं को एक और पत्र भेजा गया। इसमें कहा गया है कि एस्टीमेटर एप से प्राप्त आगणनों में कई प्रकार की कमियां पाई हैं। इससे आगणनों के परीक्षण में कठिनाई आ रही है।
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इसलिए एस्टीमेटर में अपेक्षित संशोधन और जिला व क्षेत्रीय स्तर पर प्रशिक्षण पूर्ण होने तक मुख्यालय को सभी एस्टीमेट ऑफलाइन भेजे जाएं। लेकिन ऑफलाइन एस्टीमेट मंगाने पर उच्चस्तर से आपत्ति की गई। सूत्रों के मुताबिक संबंधित अभियंताओं की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।
इस पर पीडब्ल्यूडी विभागाध्यक्ष ने बृहस्पतिवार को एक और आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि ग्रामीण मार्गों के आगणन एस्टीमेटर एप से ही मुख्यालय को भेजे जाएंगे। इसमें कहा गया है कि 8 अगस्त को जारी पत्र से भ्रांति उत्पन्न हो रही है।
इसलिए आगणन की हस्ताक्षरित कॉपी जरूरी अभिलेखों के साथ ऑफलाइन के बजाय पीडीएफ फाइल में मुख्यालय को ई-मेल से भेजी जाए। यह भी कहा गया है कि ग्रामीण मार्गों से संबंधित आगणन किसी भी दशा में ऑफलाइन मुख्यालय न भेजें।
इसलिए आगणन की हस्ताक्षरित कॉपी जरूरी अभिलेखों के साथ ऑफलाइन के बजाय पीडीएफ फाइल में मुख्यालय को ई-मेल से भेजी जाए। यह भी कहा गया है कि ग्रामीण मार्गों से संबंधित आगणन किसी भी दशा में ऑफलाइन मुख्यालय न भेजें।