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महामारी रोग नियंत्रण अध्यादेश प्रदेश में लागू, राज्यपाल ने दी मंजूरी, कोरोना योद्धाओं पर हमला या बदसुलूकी पर होगी सजा

Mon, 11 May 2020 11:40 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 11 May 2020 11:40 PM IST
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Epidemic disease control ordinance implemented in the state governor approved
फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी नियंत्रण अध्यादेश-2020 सोमवार से प्रदेश में प्रभावी हो गया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अध्यादेश को मंजूरी दे दी। अब कोरोना योद्धाओं चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी या शासन से तैनात किसी भी कर्मचारी से बदसुलूकी, मारपीट करने पर लोगों को सजा व जुर्माना लगाया जा सकेगा। 
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प्रदेश कैबिनेट ने फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स की सुरक्षा के लिए 6 मई को इस अध्यादेश को हरी झंडी दी थी। उतर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी नियंत्रण अध्यादेश लागू होने के बाद अब कोरोना नियंत्रण में लगे कर्मचारियों, अधिकारियों का विरोध, हमला, बदसुलूकी, तोड़फोड़ पर छह से सात साल की कैद और 50 हजार से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भरना होगा। 
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कोरोना वारियर्स पर थूकने, किसी तरह की गंदगी फेंकने और क्वारंटीन के दौरान आइसोलेशन तोड़ने या फिर हमले को लेकर भड़काने वाले पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नए अध्यादेश में इस पर दो से पांच साल तक की सजा और 50 हजार से 02 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। 
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क्वारंटीन का उल्लंघन करने पर एक से तीन साल की सजा और जुर्माना दस हजार से एक लाख रुपये होगा। अस्पताल से भागने वालों के खिलाफ एक वर्ष से तीन वर्ष की सजा और जुर्माना दस हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपये तय किया गया है। अश्लील एवं अभद्र आचरण करने पर एक से तीन साल की सजा और जुर्माना 50 हजार से एक लाख रुपये, लॉकडाउन तोड़ने, इस बीमारी को फैलाने वालों को भी कठोर सजा दी जाएगी। 

 

यदि कोई कोरोना मरीज स्वयं को छिपाएगा तो उसे 1 से लेकर 3 वर्ष की सजा हो सकती है। इसमें भी 50 हजार रुपये से एक लाख तक का जुर्माना देना होगा। अगर कोरोना मरीज जान बूझकर सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करता है तो उसके लिए एक से 3 साल तक की सजा और 50 हजार से 2 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। अध्यादेश लागू होने के बाद कोरोना नियंत्रण के लिए राज्य व जिला स्तर पर प्राधिकरण बनने का रास्ता भी साफ हो गया है।
 
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