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करोड़ों के बीज घपले के लिए कहां से आईं असली रसीदें, ईओडब्ल्यू ने शुरू की जांच, कब्जे में लिया रिकॉर्ड
Tue, 11 Aug 2020 01:27 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 11 Aug 2020 01:27 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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पुलिस की आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) ने करोड़ों रुपये के कृषि बीज घपले की जांच शुरू कर दी है। ईओडब्ल्यू की पूरी जांच घपले में प्रयोग की गईं असली रसीदों पर आकर टिक गई है। कृषि विभाग और बीज विकास निगम के संबंधित अफसरों से पूछताछ की गई है। साथ ही ईओडब्ल्यू ने जरूरी रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में ले लिया है।
कृषि विभाग किसानों को अनुदान पर बीज देने के लिए उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम से इसकी खरीद करता है। वर्ष 2018-19 में बीज निगम से भुगतान के लिए भेजी गई 4 रसीदें संदिग्ध मिलीं तो पिछले वर्षों के रिकॉर्ड की भी जांच की गई। इस घपले का ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से खुलासा किया था।
जांच में सामने आया कि 2011-12 से 2018-19 तक 16.56 करोड़ रुपये का घपला किया गया। बीज विकास निगम को इस राशि का भुगतान तो किया गया, पर किसानों को बीज की आपूर्ति नहीं की गई। शासन ने यह जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी। यह घपला दो सीरीजों की रसीदों से किया गया है। ईओडब्ल्यू यही पड़ताल कर रही है कि ये रसीदें किसने जारी की हैं।
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कृषि विभाग किसानों को अनुदान पर बीज देने के लिए उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम से इसकी खरीद करता है। वर्ष 2018-19 में बीज निगम से भुगतान के लिए भेजी गई 4 रसीदें संदिग्ध मिलीं तो पिछले वर्षों के रिकॉर्ड की भी जांच की गई। इस घपले का ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से खुलासा किया था।
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जांच में सामने आया कि 2011-12 से 2018-19 तक 16.56 करोड़ रुपये का घपला किया गया। बीज विकास निगम को इस राशि का भुगतान तो किया गया, पर किसानों को बीज की आपूर्ति नहीं की गई। शासन ने यह जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी। यह घपला दो सीरीजों की रसीदों से किया गया है। ईओडब्ल्यू यही पड़ताल कर रही है कि ये रसीदें किसने जारी की हैं।
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कई बड़े अधिकारियों का भी फंसना तय
जानकारी के अनुसार गवर्नमेंट प्रेस ने ईओडब्ल्यू को लिखकर दे दिया है कि उसके यहां से रसीदें बल्क में कृषि विभाग को भेज दी जाती हैं। अब यह कृषि विभाग ही बता सकता है कि घपले में प्रयुक्त की गई सीरीज की रसीदें किस अधिकारी या दफ्तर के नाम जारी की गईं।
कृषि विभाग के सूत्रों के मुताबिक, ईओडब्ल्यू ने कृषि मुख्यालय, बीज विकास निगम मुख्यालय, निगम के कानपुर स्टोर और इटावा के जिला कृषि अधिकारी के यहां लंबी पूछताछ की है। यहां से जरूरी रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में ले लिया है। सूत्रों के अनुसार फर्जी बिल भुगतान के इस खेल में कई बड़े अधिकारियों का भी फंसना तय माना जा रहा है।
कृषि विभाग के सूत्रों के मुताबिक, ईओडब्ल्यू ने कृषि मुख्यालय, बीज विकास निगम मुख्यालय, निगम के कानपुर स्टोर और इटावा के जिला कृषि अधिकारी के यहां लंबी पूछताछ की है। यहां से जरूरी रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में ले लिया है। सूत्रों के अनुसार फर्जी बिल भुगतान के इस खेल में कई बड़े अधिकारियों का भी फंसना तय माना जा रहा है।