दंगे के किसी आरोपी को नहीं छुड़वाया: आजम
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नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां बुधवार को मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर न्यूज चैनल की ओर से किए गए स्टिंग ऑपरेशन की जांच कर रही संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए।
उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगे में अपनी किसी भी भूमिका से इन्कार किया। कहा कि न तो उन्होंने दंगे के दौरान किसी को फोन किया और न ही किसी आरोपी को छोड़ने की सिफारिश की। उन्होंने स्टिंग ऑपरेशन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए और साजिश का अंदेशा जताया।
मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर खबरिया चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में आजम खां का नाम आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी सत्यता की जांच कराने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। समिति ने नोटिस जारी करके बुधवार को उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था।
विधानसभा के कमेटी कक्ष में संसदीय समिति के अध्यक्ष सतीश निगम और अन्य सदस्यों की मौजूदगी में आजम ने अपने बयान दर्ज कराए। सदस्यों ने उनसे सवाल-जवाब भी किए।
चैनलों से मांगे गए स्टिंग के रॉ फुटेज
आजम ने दंगे में अपनी किसी तरह की भूमिका से साफ इन्कार किया। कहा कि उन्होंने न तो किसी को फोन किया और न ही कोई सिफारिश की। क्या उनके पास किसी का फोन आया था? इससे भी उन्होंने मना किया। कहा कि वे उस अवधि के फोन कॉल्स की जांच कराने को तैयार हैं।
आजम ने कहा कि उनका किरदार कभी नहीं रहा कि वह सांप्रदायिकता को बढ़ावा दें या एकपक्षीय कार्रवाई के लिए कहें। वह हमेशा एकता और भाईचारे के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने स्टिंग चैनल करने वालों की मंशा और उनके पीछे खड़े लोगों पर भी अंगुली उठाई।
चैनल प्रतिनिधि 20 और 27 को रखेंगे अपना पक्ष
समिति ने स्टिंग ऑपरेशन दिखाने वाले दो खबरिया चैनलों के प्रतिनिधियों को क्रमश: 20 और 27 अक्तूबर को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है।
चैनलों से स्टिंग के रॉ फुटेज पहले ही मांगे जा चुके हैं। उसकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस-प्रशासन के जिन अधिकारियों, कर्मचारियों का स्टिंग किया गया था, उनके भी बयान हो चुके हैं।
विधानसभा में रखी गई थी अंतरिम रिपोर्ट
विधानसभा में स्टिंग ऑपरेशन की अंतरिम रिपोर्ट रखी जा चुकी है। 10 दिसंबर 2013 को सदन ने चैनल हेड को अवमानना एवं विशेषाधिकार हनन का नोटिस देते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने की मंजूरी दी थी।
विधानसभा की समिति के सभापति सतीश कुमार निगम ने सदन को जांच की प्रगति से अवगत कराया था। इसके बाद से हर महीने समिति इस मामले में संबंधित पक्षों का पक्ष सुन रही है।
यह है जांच समिति
कानपुर से सपा विधायक सतीश निगम जांच समिति के सभापति हैं। सदस्यों में मुरादाबाद से सपा विधायक मो. इरफान, आजमगढ़ से सपा विधायक डॉ. संग्राम यादव व बृजलाल सोनकर, गाजियाबाद से बसपा विधायक अमर पाल शर्मा, मोदीनगर से रालोद विधायक सुदेश शर्मा और बुलंदशहर से कांग्रेस विधायक दिलनवाज खान शामिल हैं। भाजपा इस समिति से खुद को अलग कर चुकी है।