फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Employees are waiting for new transfer policy in Uttar Pradesh.

तबादला सत्र शुरू, कर्मियों को नीति का इंतजार: योगी-1.0 में 2021-22 तक के लिए जारी की गई थी स्थानांतरण नीति

Mon, 04 Apr 2022 01:12 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 04 Apr 2022 01:12 PM IST
सार

योगी-1.0 सरकार ने 29 मार्च 2018 को एक साथ 2018-19 से 2021-22 के लिए तबादला नीति घोषित की थी। नीति में तबादले 31 मई तक पूरी करने की व्यवस्था थी। अब नई नीति का इंतजार है। इसमें देरी होने से कर्मचारियों को मुश्किल होती है।

विज्ञापन
Employees are waiting for new transfer policy in Uttar Pradesh.
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तर प्रदेश में नया स्थानांतरण सत्र शुरू हो गया है लेकिन अब तक नई तबादला नीति नहीं जारी हुई है। अधिकारियों व कर्मचारियों से लेकर सरकार के मंत्रियों तक को नई स्थानांतरण नीति का बेसब्री से इंतजार है। योगी-1.0 सरकार ने 29 मार्च 2018 को एक साथ 2018-19 से 2021-22 के लिए तबादला नीति घोषित की थी। नीति में तबादले 31 मई तक पूरी करने की व्यवस्था थी। इसके बाद तय प्रक्रिया के तहत सक्षम स्तर (विभागाध्यक्ष, शासन, मंत्री या मुख्यमंत्री) से अनुमति लेकर तबादले किए जा सकते थे।

विज्ञापन


वर्ष 2020 में कोविड महामारी का प्रसार बढ़ा तो 12 मई 2020 को कुछ प्रतिबंधों के साथ सभी तबादलों पर रोक लगा दी गई। योगी-1.0 सरकार के आखिरी वर्ष 2021-22 में चुनाव से पहले तबादले की कार्यवाही शुरू की गई। लेकिन कोविड के चलते 15 जून 2021 को स्थानांतरण नीति के तहत आदेश हुए और 15 जुलाई तक तबादले करने को कहा गया। यह नीति 31 मार्च 2022 को समाप्त हो चुकी है।
विज्ञापन


अब एक अप्रैल से स्थानांतरण सत्र 2022-23 शुरू हो चुका है। पूर्व की नीति के अनुसार हर वर्ष विभाग के कार्मिकों की संख्या के 20 प्रतिशत तक तबादलों की अनुमति दी जाती रही है। जिले में 3 वर्ष व मंडल में 7 वर्ष पूरा करने वाले कर्मी हटाए जाते रहे हैं। विधानसभा चुनाव से जुड़े जो कार्मिक एक स्थान पर तीन वर्ष पूरा कर चुके थे, उन्हें हटाया जा चुका है। लेकिन, अन्य कर्मचारियों को तबादलों का इंतजार है। कर्मचारियों का कहना है कि समय से स्थानांतरण न होने से सबसे ज्यादा मुश्किल बच्चों के  स्कूलों में दाखिले को लेकर होती है। कई बार अच्छे स्कूलों में दाखिला नहीं मिल पाता। बीमारी व अन्य वाजिब कारणों से तबादले के  लिए परेशान कर्मियों को भी नई तबादला नीति का इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑनलाइन मेरिट बेस्ड प्रणाली पर भी नजर
प्रदेश सरकार पिछले कई वर्षों से ऑनलाइन मेरिट बेस्ड प्रणाली से तबादलों की वकालत करती रही है। लेकिन अब तक इस प्रणाली से तबादले अनिवार्य नहीं किए जा सके हैं। इससे कई विभाग अभी भी इस सिस्टम से अपने को बाहर रख लेते हैं। स्थानांतरण सत्र 2021-22 के स्थानांतरण आनलाइन मेरिट बेस्ड प्रणाली से करने को तो कहा गया है, लेकिन इसे यथासंभव कहकर सीमित कर दिया गया। कर्मियों की नजर है कि  क्याइस बार ऑनलाइन तबादले अनिवार्य हो पाएंगे या नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed