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यूपी: बिलासपुर चीनी मिल में गबन, सात आरोपियों से 1.81 करोड़ की होगी वसूली, पांच आरोपी-कर्मचारी अधिकारी सेवानिवृत्त
Tue, 28 Dec 2021 12:25 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 28 Dec 2021 12:25 AM IST
सार
गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि वर्ष 2020 के इस मामले में उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ लि. लखनऊ एवं डीएम लखनऊ के स्तर से कराई गई जांच में गबन का खुलासा हुआ।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रामपुर स्थित रुद्र बिलास किसान सहकारी चीनी मिल लि. बिलासपुर में गबन का मामला सामने आया है। जांच के बाद गन्ना आयुक्त ने सात आरोपियों से एक करोड़ 81 लाख की रिकवरी के निर्देश दिए हैं। इनमें पांच सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि दो अब भी कार्यरत हैं।
गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि वर्ष 2020 के इस मामले में उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ लि. लखनऊ एवं डीएम लखनऊ के स्तर से कराई गई जांच में गबन का खुलासा हुआ।
मिल में मेंटेनेंस, ओवरटाइम, दैनिक वेतनभोगी, कांट्रैक्ट लेबर और सीजनलकर्मियों को आउट ऑफ सीजन भुगतान, नियंत्रण योग्य प्रशासनिक व्यय, बिजली के सामान की खरीद, डीजल क्रय एवं निष्प्रयोज्य खोई के क्रय मदों में 181.33 लाख की अनियमितता पायी गयी है।
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यह हैं आरोपी
मिल के तत्कालीन प्रधान प्रबंधक डीपी सिंह, तत्कालीन मुख्य अभियंता एके दास, तत्कालीन मुख्य रसायनविद प्रेमकांत, तत्कालीन मुख्य रसायनविद एमपी सिंह एवं तत्कालीन मुख्य लेखाकार आईयू खान दोषी पाए गए हैं। इन सेवानिवृत्त आरोपियों से रिकवरी की जाएगी। इनके अतिरिक्त तत्कालीन मुख्य लेखाकार सौरभ बंसल एवं तत्कालीन मुख्य गन्ना अधिकारी त्रिलोकी सिंह अभी कार्यरत हैं। इनसे वसूली के लिए प्रबंध निदेशक उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ लि. को निर्देश दिए गए हैं।
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गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि वर्ष 2020 के इस मामले में उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ लि. लखनऊ एवं डीएम लखनऊ के स्तर से कराई गई जांच में गबन का खुलासा हुआ।
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मिल में मेंटेनेंस, ओवरटाइम, दैनिक वेतनभोगी, कांट्रैक्ट लेबर और सीजनलकर्मियों को आउट ऑफ सीजन भुगतान, नियंत्रण योग्य प्रशासनिक व्यय, बिजली के सामान की खरीद, डीजल क्रय एवं निष्प्रयोज्य खोई के क्रय मदों में 181.33 लाख की अनियमितता पायी गयी है।
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यह हैं आरोपी
मिल के तत्कालीन प्रधान प्रबंधक डीपी सिंह, तत्कालीन मुख्य अभियंता एके दास, तत्कालीन मुख्य रसायनविद प्रेमकांत, तत्कालीन मुख्य रसायनविद एमपी सिंह एवं तत्कालीन मुख्य लेखाकार आईयू खान दोषी पाए गए हैं। इन सेवानिवृत्त आरोपियों से रिकवरी की जाएगी। इनके अतिरिक्त तत्कालीन मुख्य लेखाकार सौरभ बंसल एवं तत्कालीन मुख्य गन्ना अधिकारी त्रिलोकी सिंह अभी कार्यरत हैं। इनसे वसूली के लिए प्रबंध निदेशक उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ लि. को निर्देश दिए गए हैं।