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बहराइच : हाथी ने ठप किया आवागमन, तो तेंदुए ने मवेशियों को बनाया निवाला, इलाके में दहशत
Sat, 30 Mar 2019 07:56 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 30 Mar 2019 07:56 PM IST
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कतर्नियाघाट-बिछिया मार्ग पर एक हाथी शनिवार को चिंघाड़ने लगा। हाथी के बीच सड़क पर खड़े होने से वाहनों का आवागमन ठप हो गया। लगभग 20 मिनट तक वह सड़क पर चिंघाड़ता रहा। इससे यात्री दहशत में रहे। रेलकर्मियों के हथौड़े से पीपा पीटने पर हाथी जंगल की ओर गया।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में नेपाली हाथियों की आमद बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह हाथियों का झुंड मझरा-बिछिया रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया था। इससे पांच मिनट तक पैसेंजर ट्रेन ट्रैक पर ही खड़ी रही। शनिवार सुबह आठ बजे एक टस्कर हाथी कतर्नियाघाट-बिछिया मार्ग पर आ गया।
बिछिया रेलवे स्टेशन के गेटमैन गौतम कुमार और निरंजन कुमार ने उसे देख लिया। उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर हाथी बीच सड़क पर जाकर डट गया। दोनों ओर से आ रहे वाहनों को चालकों ने दूर ही रोक लिया। मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। वाहन चालकों ने हार्न बजाया। गेटमैन ने हथौड़े से पीपा पीटकर हांका लगाया।
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इस पर हाथी जंगल की ओर चला गया। लोगों के मुताबिक लगभग 20 मिनट तक हाथी मार्ग पर डटा रहा। हाथी के जाने के बाद आवागमन शुरू हो सका। इस दौरान ग्रामीण दहशत में रहे। सभी ने मामले की जानकारी रेंज कार्यालय कतर्नियाघाट पर दी है।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में नेपाली हाथियों की आमद बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह हाथियों का झुंड मझरा-बिछिया रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया था। इससे पांच मिनट तक पैसेंजर ट्रेन ट्रैक पर ही खड़ी रही। शनिवार सुबह आठ बजे एक टस्कर हाथी कतर्नियाघाट-बिछिया मार्ग पर आ गया।
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बिछिया रेलवे स्टेशन के गेटमैन गौतम कुमार और निरंजन कुमार ने उसे देख लिया। उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर हाथी बीच सड़क पर जाकर डट गया। दोनों ओर से आ रहे वाहनों को चालकों ने दूर ही रोक लिया। मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। वाहन चालकों ने हार्न बजाया। गेटमैन ने हथौड़े से पीपा पीटकर हांका लगाया।
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इस पर हाथी जंगल की ओर चला गया। लोगों के मुताबिक लगभग 20 मिनट तक हाथी मार्ग पर डटा रहा। हाथी के जाने के बाद आवागमन शुरू हो सका। इस दौरान ग्रामीण दहशत में रहे। सभी ने मामले की जानकारी रेंज कार्यालय कतर्नियाघाट पर दी है।
तेंदुए ने तीन बकरियों को बनाया निवाला
कतर्नियाघाट रेंज के गांवों में तेंदुए ने तीन मवेशियों को निवाला बना लिया। सभी के अस्थिपंजर घर से कुछ दूरी पर मिले। ग्रामीणों ने हमले की सूचना रेंज कार्यालय पर दी लेकिन कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। तेंदुए के हमले से ग्रामीणों में दहशत है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज के मटेही निवासी श्यामजीत की बकरी घर के अहाते में बंधी थी। देर शाम को जंगल से निकलकर आए तेंदुए ने निवाला बना लिया। कुछ देर बाद अहाते पहुंचे परिवार के लोगों को बकरी न मिलने पर खोजबीन शुरू की तो 100 मीटर की दूरी पर उसका क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। इसी मकान से कुछ दूरी पर स्थित दर्रा की बकरी को भी तेंदुए ने निवाला बना लिया।
इसके बाद तेंदुए ने पड़ोसी गांव जागापुरवा निवासी नफीसा की बकरी को भी निवाला बना लिया। ग्रामीणों ने तेंदुए के हमले की जानकारी रेंज कार्यालय पर दी लेकिन कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज के मटेही निवासी श्यामजीत की बकरी घर के अहाते में बंधी थी। देर शाम को जंगल से निकलकर आए तेंदुए ने निवाला बना लिया। कुछ देर बाद अहाते पहुंचे परिवार के लोगों को बकरी न मिलने पर खोजबीन शुरू की तो 100 मीटर की दूरी पर उसका क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। इसी मकान से कुछ दूरी पर स्थित दर्रा की बकरी को भी तेंदुए ने निवाला बना लिया।
इसके बाद तेंदुए ने पड़ोसी गांव जागापुरवा निवासी नफीसा की बकरी को भी निवाला बना लिया। ग्रामीणों ने तेंदुए के हमले की जानकारी रेंज कार्यालय पर दी लेकिन कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है।