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48 घंटे कार्य बहिष्कार करेंगे बिजली कर्मचारी, PF भुगतान की गारंटी लेकर नोटिफिकेशन जारी करने की मांग
Sat, 16 Nov 2019 08:55 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 16 Nov 2019 08:55 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पावर कार्पोरेशन में पीएफ घोटाले के विरोध में प्रदेश के बिजली कर्मचारी 18-19 नवंबर को 48 घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कार्य बहिष्कार का आह्वान किया है। संघर्ष समिति ने मांग की है कि पीएफ के भुगतान की जिम्मेदारी राज्य सरकार ले और इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया जाए।
संघर्ष समिति ने पीएफ घोटाले में चल रही जांच पर असंतोष व्यक्त करते हुए घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व चेयरमैन एवं अन्य जिम्मेदार आईएएस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। संघर्ष समिति ने संविदा कर्मचारियों के ईपीएफ की धनराशि ठेकेदारों द्वारा जमा न किये जाने पर भी रोष व्यक्त करते हुए मांग की है कि जिम्मेदार ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा संविदा कर्मियों की ईपीएफ धनराशि खाते में जमा की जाए।
प्रस्तावित कार्य बहिष्कार अभियान के तहत शनिवार को राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के समस्त जिलों एवं परियोजना मुख्यालयों पर विरोध सभाओं का दौर बारहवें दिन भी जारी रहा। अनपरा, ओबरा, पारीछा, हरदुआगंज, पनकी, वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, नोएडा, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बांदा, झांसी, कानपुर, मुरादाबाद, बरेली, अयोध्या, गोंडा व प्रयागराज में बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं ने सभाएं करके रोष प्रकट किया।
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राजधानी लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय पर कर्मचारियों एवं अभियंताओं ने बिजली कर्मचारियों का आह्वान किया है कि 17 नवंबर को अवकाश के दिन भी विरोध सभाओं का क्रम जारी रखा जाए और 18-19 नवंबर को शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार कर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करें। लखनऊ में संघर्ष समिति की बैठक में शैलेंद्र दुबे, राजीव सिंह, गिरीश पांडेय, सदरूद्दीन राना, सुहैल आबिद, राजपाल सिंह, राजेंद्र घिल्डियाल, विनय शुक्ला, शशिकांत श्रीवास्तव, महेंद्र राय समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
पावर आफिसर्स एसोसिएशन ने दिया तीन दिन का वक्त
पावर आफिसर्स एसोसिएशन ने फिलहाल संघर्ष समिति के कार्य बहिष्कार से अलग रहने का एलान करते हुए सरकार और पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को पीएफ के भुगतान की जिम्मेदारी लेने के लिए तीन दिन का समय दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि अगर सरकार तीन दिन में पीएफ के भुगतान की गारंटी के लिए सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ने पर विचार किया जाएगा।
पावर आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के.बी. राम, कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष एस.पी. सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि चूंकि पावर कार्पोरेशन में अभी नए चेयरमैन की तैनाती हुई है इसलिए मामले को सुलझाने के लिए उन्हें थोड़ा वक्त दिया जाना चाहिए। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार से केंद्र से संपर्क करके पीएफ घोटाले की सीबीआई जांच शुरू कराने की मांग की है।
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संघर्ष समिति ने पीएफ घोटाले में चल रही जांच पर असंतोष व्यक्त करते हुए घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व चेयरमैन एवं अन्य जिम्मेदार आईएएस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। संघर्ष समिति ने संविदा कर्मचारियों के ईपीएफ की धनराशि ठेकेदारों द्वारा जमा न किये जाने पर भी रोष व्यक्त करते हुए मांग की है कि जिम्मेदार ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा संविदा कर्मियों की ईपीएफ धनराशि खाते में जमा की जाए।
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प्रस्तावित कार्य बहिष्कार अभियान के तहत शनिवार को राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के समस्त जिलों एवं परियोजना मुख्यालयों पर विरोध सभाओं का दौर बारहवें दिन भी जारी रहा। अनपरा, ओबरा, पारीछा, हरदुआगंज, पनकी, वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, नोएडा, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बांदा, झांसी, कानपुर, मुरादाबाद, बरेली, अयोध्या, गोंडा व प्रयागराज में बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं ने सभाएं करके रोष प्रकट किया।
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राजधानी लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय पर कर्मचारियों एवं अभियंताओं ने बिजली कर्मचारियों का आह्वान किया है कि 17 नवंबर को अवकाश के दिन भी विरोध सभाओं का क्रम जारी रखा जाए और 18-19 नवंबर को शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार कर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करें। लखनऊ में संघर्ष समिति की बैठक में शैलेंद्र दुबे, राजीव सिंह, गिरीश पांडेय, सदरूद्दीन राना, सुहैल आबिद, राजपाल सिंह, राजेंद्र घिल्डियाल, विनय शुक्ला, शशिकांत श्रीवास्तव, महेंद्र राय समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
पावर आफिसर्स एसोसिएशन ने दिया तीन दिन का वक्त
पावर आफिसर्स एसोसिएशन ने फिलहाल संघर्ष समिति के कार्य बहिष्कार से अलग रहने का एलान करते हुए सरकार और पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को पीएफ के भुगतान की जिम्मेदारी लेने के लिए तीन दिन का समय दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि अगर सरकार तीन दिन में पीएफ के भुगतान की गारंटी के लिए सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ने पर विचार किया जाएगा।
पावर आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के.बी. राम, कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष एस.पी. सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि चूंकि पावर कार्पोरेशन में अभी नए चेयरमैन की तैनाती हुई है इसलिए मामले को सुलझाने के लिए उन्हें थोड़ा वक्त दिया जाना चाहिए। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार से केंद्र से संपर्क करके पीएफ घोटाले की सीबीआई जांच शुरू कराने की मांग की है।