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कालाबाजारी रोकने के लिए केंद्र को लिखा पत्र: एनर्जी एक्सचेंज में बिजली की दर 5 रुपये प्रति यूनिट से अधिक न हो
Wed, 20 Oct 2021 12:02 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 20 Oct 2021 12:02 PM IST
सार
एआईपीईएफ ने बिजली की कालाबाजारी रोकने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है और केंद्रीय विद्युत मंत्री से तत्काल फोयर की बैठक बुलाने की मांग की है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
विस्तार
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने केंद्र सरकार से बिजली की कालाबाजारी रोकने के लिए तत्काल फोरम ऑफ इंडियन रेगुलेटर्स (फोयर) की बैठक बुलाने की मांग की है। एआईपीईएफ के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने इस संबंध में केंद्रीय विद्युत मंत्री आरके सिंह को पत्र लिखा है।
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उन्होंने पत्र में लिखा है कि एनर्जी एक्सचेंज में निजी घराने 20 रुपये प्रति यूनिट तक बिजली बेच रहे हैं। कोयला की किल्लत से पैदा हुए बिजली संकट के इस दौर में निजी घरानों को मनमाना मुनाफा कमाने और लूट की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने इस पर रोक लगाने के लिए तत्काल फोयर की बैठक बुलाने का अनुरोध किया है।
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उन्होंने कहा कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 62 (1) ए के प्रावधानों के तहत बिजली की कालाबाजारी रोकी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि एनर्जी एक्सचेंज में किसी भी स्थिति में 5 रुपये प्रति यूनिट से अधिक की कीमत पर बिजली न बेची जा सके।
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एआईपीईएफ ने कोयले की कमी को मौजूदा बिजली संकट का मुख्य कारण मानते हुए एक उच्चस्तरीय तकनीकी समिति गठित करने की मांग की है। यह समिति मौजूदा कोयला संकट की जांच कर इसके लिए जवाबदेही तय करे और यह भी सुझाव दे कि भविष्य में इस तरह का संकट उत्पन्न न हो। समिति में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के प्रतिनिधि को भी शामिल करने का अनुरोध किया है, जो कोयले की स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग करते हैं।