{"_id":"5c40c905bdec22732d0200c2","slug":"electricity-bills-will-be-deposited-at-the-stores-of-quota-in-up","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी में कोटे की दुकानों पर जमा होगा बिजली का बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी में कोटे की दुकानों पर जमा होगा बिजली का बिल
Thu, 17 Jan 2019 11:57 PM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: राजेश सैनी
Updated Thu, 17 Jan 2019 11:57 PM IST
विज्ञापन
बिजली मीटर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आने वाले दिनों में सस्ते राशन की दुकानों पर भी बिजली का बिल जमा हो सकेगा। इसके लिए खाद्य एवं रसद विभाग व उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन ई पॉज मशीन उपलब्ध कराने वाली कंपनी ओसिस के साथ मिलकर योजना तैयार कर रही है। सबकुछ ठीक ठाक रहा तो जल्द ही यह व्यवस्था उन दुकानों पर उपलब्ध होगी जहां ई पॉज मशीन के माध्यम से अनाज का वितरण किया जा रहा है।
दर असल ई पॉज मशीनों के लगने के बाद कोटेदारों की आमदनी पर असर पड़ा है। ऐसे में उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए और बिजली विभाग के उपभोक्ताओं को सहूलियत देने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग व बिजली विभाग ने मिलकर यह योजना तैयार की है। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए विभाग बिल जमा करने वाले कोटेदार को प्रतिबिल 17 रुपये देगा।
इसके अतिरिक्त तीन रुपये ई पॉज मशीन लगाने वाली एजेंसी ओसिस को दिया जाएगा। सस्ते राशन की दुकानों पर बिजली बिल जमा करने के लिए दुकानदारों को यूपीपीसीएल के पास सिक्योरिटी मनी जमा करना होगा। सिक्योरिटी की रकम के बराबर ही दुकानदार बिल जमा कर सकता है।
विज्ञापन
मसलन किसी दुकानदार ने 10,000 रुपये बतौर सिक्योरिटी पावर कार्पोरेशन के पास जमा किए हैं तो दुकानदार 10 हजार रुपये तक का ही बिजली बिल अपनी ई पॉज मशीन से जमा कर सकता है। उसके बाद ई पॉज मशीन से बिल जमा करने के लिए वसूली गई रकम निर्धारित कमीशन काट कर पावर कार्पोरेशन के खातों में जमा करना होगा।
कोटेदारों के लिए अनिवार्य नहीं
फिलहाल इस व्यवस्था को दुकानदारों के लिए अनिवार्य नहीं किया गया है। इस व्यवस्था के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि इससे ग्रामीण क्षेत्र के बिजली ग्राहकों को बिल जमा करने के लिए दूर नहीं जाना होगा। इससे अधिक बिजली बिल जमा हो सकेंगे। साथ ही दुकानदारों को प्रोत्साहन राशि मिलने से वह भी अधिक बिल जमा कराने का प्रयास करेंगे। वैसे भी पूरे महीने केअनाज बांटने का काम चार से छह दिन ही होता है।
मुख्यमंत्री करेंगे फैसला
सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को करना है। इसके लिए बृहस्पतिवार को एक बैठक भी हुई जिसमें खाद्य एंव रसद विभाग के अलावा बिजली विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में इस व्यवस्था के लागू होने में आने वाली कठिनाइयों और फायदे के बारे में चर्चा हुई। जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने एक प्रस्तुतिकरण दिया जाएगा जिसके बाद इस व्यवस्था को लागू करने पर फैसला होगा।
विज्ञापन
दर असल ई पॉज मशीनों के लगने के बाद कोटेदारों की आमदनी पर असर पड़ा है। ऐसे में उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए और बिजली विभाग के उपभोक्ताओं को सहूलियत देने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग व बिजली विभाग ने मिलकर यह योजना तैयार की है। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए विभाग बिल जमा करने वाले कोटेदार को प्रतिबिल 17 रुपये देगा।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त तीन रुपये ई पॉज मशीन लगाने वाली एजेंसी ओसिस को दिया जाएगा। सस्ते राशन की दुकानों पर बिजली बिल जमा करने के लिए दुकानदारों को यूपीपीसीएल के पास सिक्योरिटी मनी जमा करना होगा। सिक्योरिटी की रकम के बराबर ही दुकानदार बिल जमा कर सकता है।
विज्ञापन
मसलन किसी दुकानदार ने 10,000 रुपये बतौर सिक्योरिटी पावर कार्पोरेशन के पास जमा किए हैं तो दुकानदार 10 हजार रुपये तक का ही बिजली बिल अपनी ई पॉज मशीन से जमा कर सकता है। उसके बाद ई पॉज मशीन से बिल जमा करने के लिए वसूली गई रकम निर्धारित कमीशन काट कर पावर कार्पोरेशन के खातों में जमा करना होगा।
कोटेदारों के लिए अनिवार्य नहीं
फिलहाल इस व्यवस्था को दुकानदारों के लिए अनिवार्य नहीं किया गया है। इस व्यवस्था के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि इससे ग्रामीण क्षेत्र के बिजली ग्राहकों को बिल जमा करने के लिए दूर नहीं जाना होगा। इससे अधिक बिजली बिल जमा हो सकेंगे। साथ ही दुकानदारों को प्रोत्साहन राशि मिलने से वह भी अधिक बिल जमा कराने का प्रयास करेंगे। वैसे भी पूरे महीने केअनाज बांटने का काम चार से छह दिन ही होता है।
मुख्यमंत्री करेंगे फैसला
सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को करना है। इसके लिए बृहस्पतिवार को एक बैठक भी हुई जिसमें खाद्य एंव रसद विभाग के अलावा बिजली विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में इस व्यवस्था के लागू होने में आने वाली कठिनाइयों और फायदे के बारे में चर्चा हुई। जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने एक प्रस्तुतिकरण दिया जाएगा जिसके बाद इस व्यवस्था को लागू करने पर फैसला होगा।