इलेक्शन वॉच ने राज्य निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता पर उठाए सवाल, उठाए गंभीर सवाल
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राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के हलफनामे आयोग की वेबसाइट पर अपलोड न करने पर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) यूपी इलेक्शन वॉच ने सवाल उठाए हैं।
इलेक्शन वॉच के मुख्य समन्वयक संजय सिंह ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि उच्चतम न्यायालय का आदेश है कि प्रत्याशियों का हलफनामा नामांकन के 24 घंटे के अंदर वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग के भी ऐसे ही निर्देश हैं। इसके बावजूद अब तक प्रत्याशियों के हलफनामे आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया जा रहा है।
संजय सिंह ने अलग-अलग राज्यों का हवाला देते हुए बताया कि चुनाव में पारदर्शिता के लिए किस राज्य में किस तरह काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर शपथ पत्र अपलोड होने के 48 घंटे में उसका विश्लेषण कर रिपोर्ट पेश कर देंगे।
लखनऊ के मतदाताओं को करेंगे जागरूक
संजय सिंह ने बताया कि इलेक्शन वॉच निकाय चुनाव के दौरान लखनऊ में अभियान चलाकर सही प्रत्याशियों के चयन के लिए मतदाताओं को जागरूक करेगा। इसके तहत 17 नवंबर को ‘लखनऊ का मेयर कैसा हो’ विषय पर सम्मेलन होगा।
इसमें महापौर पद के प्रमुख प्रत्याशियों के साथ ही शहर के संभ्रांत नागरिकों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। एडीआर इससे पहले मुंबई महानगर पालिका व गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में मतदाता जागरूकता अभियान चला चुका है।
वेबसाइट पर ब्योरा अपलोड करने का दावा
इलेक्शन वॉच के सवाल उठाने के कुछ ही घंटे बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रेसनोट जारी कर दावा किया कि पहले चरण के प्रत्याशियों के नामांकन पत्र व शपथ पत्र वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं।
शपथ पत्र अपलोड करने के लिए मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। उस पर आने वाले वन टाइम पासवर्ड के जरिए ही शपथ पत्र देखा जा सकता है। हालांकि खबर लिखे जाने तक शपथ पत्र वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए गए थे।