प्रधानी चुनाव अधिसूचना के बाद यूपी में फिर आचार संहिता
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पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही सूबे में एक बार फिर आचार संहिता लग गई है। अब निर्वाचन से जुडे़ अफसरों व कर्मियों का तबादला नहीं किया जा सकेगा।
बहुत जरूरी हुआ तो राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमति लेने के बाद ही तबादला किया जा सकेगा। चुनाव क्षेत्र में नए निर्माण कार्य या किसी परियोजना का शिलान्यास एवं उद्घाटन भी नहीं हो सकेगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने बताया कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर चुनाव सभा करने के लिए पूर्व अनुमति लेनी होगी। सुरक्षा में लगे अधिकारी व कर्मचारियों को छोड़कर कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी मंत्री के साथ सभा में नहीं जाएगा।
किसी योजना की वित्तीय स्वीकृति या राशि भी जारी न होगी
इस दौरान किसी नई परियोजना, योजना व कार्यक्रम की न तो घोषणा होगी और न ही उन्हें शुरू किया जाएगा। वित्तीय स्वीकृति व राशि भी जारी नहीं की जाएगी। ऐसे पुराने काम जिनकी रकम जारी हो चुकी है, वे चलते रहेंगे।
चालू परियोजना में कोई भी नई वित्तीय स्वीकृति नहीं दी जाएगी। हालांकि दैवी आपदा तथा मानवजनित हादसों में दी जाने वाली सहायता राशि पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
वहीं, किसी भी सार्वजनिक उपक्रम, शासकीय व अर्द्धशासकीय विभाग के निरीक्षण गृह, डाक बंगला या फिर गेस्ट हाउस का प्रयोग चुनाव प्रचार व चुनाव कार्यालय के लिए नहीं होगा। सत्ताधारी दल के मंत्री शासकीय दौरों को चुनाव प्रचार कार्य में नहीं जोड़ेंगे।
न ही शासकीय तंत्र व कर्मचारियों का उपयोग करेंगे। निर्वाचन के दौरान पंचायती राज संस्थाओं के खजाने से मीडिया में विभाग का कोई भी विज्ञापन नहीं दिया जाएगा।