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बोर्ड परीक्षाओं के बीच चुनाव कराने से बढ़ेगी आयोग की परेशानी, 24 अप्रैल से 11 मई के बीच बोर्ड परीक्षा
Tue, 16 Mar 2021 11:47 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 16 Mar 2021 11:47 AM IST
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पंचायत चुनाव।
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के दरम्यान पंचायत चुनाव कराने के निर्णय से राज्य निर्वाचन आयोग की परेशानी बढ़ गई है। सोमवार को इस संबंध में आयोग के आयुक्त मनोज कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक की।
उच्च न्यायालय ने 27 मार्च तक वर्ष 2015 के आधार वर्ष पर आरक्षण का निर्धारण कर आरक्षित सीटों का अंतिम प्रकाशन करने और 25 मई तक पंचायत चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। जबकि बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 24 अप्रैल से 11 मई तक चलेगी।
अब आयोग की परेशानी है कि बोर्ड परीक्षा और पंचायत चुनाव कैसे कराए जाएं। पंचायत चुनाव के लिए आयोग ने 13 लाख 50 हजार से अधिक कर्मचारियों का डाटा तैयार किया है। इनमें से करीब 50 प्रतिशत शिक्षक है। जिनकी ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में भी लगाई जाएगी। आयोग अब आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पंचायत चुनाव की तारीखों पर नए सिरे से तैयारी करेगा।
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उच्च न्यायालय ने 27 मार्च तक वर्ष 2015 के आधार वर्ष पर आरक्षण का निर्धारण कर आरक्षित सीटों का अंतिम प्रकाशन करने और 25 मई तक पंचायत चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। जबकि बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 24 अप्रैल से 11 मई तक चलेगी।
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अब आयोग की परेशानी है कि बोर्ड परीक्षा और पंचायत चुनाव कैसे कराए जाएं। पंचायत चुनाव के लिए आयोग ने 13 लाख 50 हजार से अधिक कर्मचारियों का डाटा तैयार किया है। इनमें से करीब 50 प्रतिशत शिक्षक है। जिनकी ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में भी लगाई जाएगी। आयोग अब आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पंचायत चुनाव की तारीखों पर नए सिरे से तैयारी करेगा।
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