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कहीं ‘आप’ इफेक्ट में तो नहीं गिरा सपा का ये विकेट
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 25 Dec 2013 12:55 AM IST
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी ‘आप’ की कामयाबी ने यूपी में भी छोटे दलों में महत्वाकांक्षा की कुलबुलाहट पैदा कर दी है।
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उन्हें लग रहा है कि स्थापित पार्टियों से मिलकर चलने में ज्यादा भला नहीं होने वाला। यही सोच आईएमसी के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां को सपा से अलग राह पकड़ने को मजबूर कर रही है।
मौलाना तौकीर रजा खां समेत बरेलवी मसलक के कई नेता अरविंद केजरीवाल की उसी लाइन को अपनाने के इच्छुक हैं।
मौलाना तौकीर केवल दो मुद्दों -भ्रष्टाचार और फिरकापरस्ती को लेकर आक्रामक ढंग से आगे बढ़ना चाहते हैं।
सलाहकार पद से इस्तीफा देना उनकी इसी आक्रामक रणनीति का हिस्सा है। वह इसमें कितना कामयाब होते हैं, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
मालूम हो कि हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग के सलाहकार मौलाना तौकीर रजा खां ने इस्तीफा अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इस शर्त के साथ सौंप दिया है कि सरकार या तो मुस्लिमों के साथ न्याय दे और उनके साथ किए गए वादों को पूरा करे अन्यथा उनका इस्तीफा स्वीकार करे।
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