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Lucknow News: जनसंख्या नियंत्रण और रोजगार के लिए शिक्षा जरूरी
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कार्यक्रम में उपस्थित लोग।
लखनऊ। पूर्व चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाई कुरैशी के मुताबिक, देश में जनसंख्या नियंत्रण और रोजगार सृजन के लिए शिक्षा सबसे अहम है। वे शनिवार को मुमताज डिग्री कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस मौके पर कालेज में अलायंस फार इकनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट ऑफ द अंडरप्रिविलेज्ड के कॉमन स्टडी सेंटर का उद्घाटन भी किया गया।
डॉ. कुरैशी ने कहा कि राष्ट्रीय साक्षरता दर 71 फीसदी है। वहीं, मुस्लिमों की साक्षरता केवल 57 फीसदी है। अन्य अल्पसंख्यक समुदाय की बात करें तो फिर इसाई 75 फीसदी और बौद्ध 71 फीसदी साक्षर हैं। अंजुमन सचिव और कालेज प्रबंधक सैयद अतहर नबी एडवोकेट ने कहा कि स्टडी सेंटर के उद्घाटन से शिक्षा का स्तर बढ़ेगा।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति जमीरुद्दीन शाह ने कहा कि हमें अंग्रेजी भाषा, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ध्यान देना होगा। उन्होंने तीन सर सैयद नेशनल स्कूल खोलने की बात करते हुए कहा कि ऐसे स्कूल हर जिले में खोले जाने चाहिए। दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग ने कहा कि सिर्फ पढ़ाने के तरीके में बदलाव से काम नहीं चलेगा। हमें समुदाय को राजनीति, व्यवसाय और सरकारी नौकरियों से जोड़ने के लिए काम करना होगा।
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सैयद महमूद अख्तर ने कॉमन स्टडी सेंटर के फायदों पर बात की। इस पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी, डीयू के उर्दू विभाग के प्रोफेसर इर्तिजा करीम और कर्नाटक से आए हाफिज कर्नाटकी मौजूद रहे।
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डॉ. कुरैशी ने कहा कि राष्ट्रीय साक्षरता दर 71 फीसदी है। वहीं, मुस्लिमों की साक्षरता केवल 57 फीसदी है। अन्य अल्पसंख्यक समुदाय की बात करें तो फिर इसाई 75 फीसदी और बौद्ध 71 फीसदी साक्षर हैं। अंजुमन सचिव और कालेज प्रबंधक सैयद अतहर नबी एडवोकेट ने कहा कि स्टडी सेंटर के उद्घाटन से शिक्षा का स्तर बढ़ेगा।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति जमीरुद्दीन शाह ने कहा कि हमें अंग्रेजी भाषा, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ध्यान देना होगा। उन्होंने तीन सर सैयद नेशनल स्कूल खोलने की बात करते हुए कहा कि ऐसे स्कूल हर जिले में खोले जाने चाहिए। दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग ने कहा कि सिर्फ पढ़ाने के तरीके में बदलाव से काम नहीं चलेगा। हमें समुदाय को राजनीति, व्यवसाय और सरकारी नौकरियों से जोड़ने के लिए काम करना होगा।
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सैयद महमूद अख्तर ने कॉमन स्टडी सेंटर के फायदों पर बात की। इस पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी, डीयू के उर्दू विभाग के प्रोफेसर इर्तिजा करीम और कर्नाटक से आए हाफिज कर्नाटकी मौजूद रहे।