यादव सिंह पर जांच जारी, CBI से मांगा गया ब्यौरा
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यादव सिंह के खिलाफ जांच शुरू करने के बाद अब ईडी ने सीबीआई से दागी अभियंता व उसके रिश्तेदारों के नाम से बनी फर्मों का ब्यौरा मांगा है। ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग के साक्ष्य जुटाने हैं। यह अंदेशा है कि यादव सिंह ने इन्हीं फर्मों के माध्यम से अपनी काली कमाई का विदेश या अन्यत्र निवेश किया।
यादव सिंह व उसके करीबियों के खिलाफ एक तरफ सीबीआई की जांच तेज हो चुकी है और गुरुवार से ईडी ने भी अपनी जांच की कार्यवाही शुरू कर दी है।
ईडी के सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सीबीआई से उन फर्मों के बारे में जानकारी मांगी है, जो यादव सिंह व उसके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से बनी हैं। इसके साथ ही यादव सिंह के कारोबारी साझेदारों की जानकारी मांगी है।
ईडी ने यादव सिंह की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा हासिल कर इन्हें सूचीबद्ध करना शुरू कर दिया है।
ईडी ने जुटा ली हैं ये जानकारियां
यह कार्यवाही इसलिए की जा रही है क्योंकि ईडी यादव सिंह के आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाए जाने वाली संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई करेगी।
ईडी ने अभी तक हो रही जांच के दौरान सामने आए यादव सिंह व उसके परिवार के लोगों के नाम से बैंक खातों व लॉकरों की भी जानकारी जुटा ली है।
इनमें कितनी लेन-देन हुई है, इसका ब्यौरा संबंधित बैंकों से मांगा जा रहा है। ऐसे ही जो फर्में सामने आएंगी, उनमें कितनी रकम का किससे लेन-देन हुआ, यह पता किया जाएगा।
इसके लिए ईडी यादव सिंह व उसके करीबियों के चार्टर्ड अकाउंटेंटों से पूछताछ भी करेगी। ईडी को पता चला है कि यादव सिंह व करीबियों के नाम से जो फर्में खुली हैं, उनका लेन-देन कोलकाता की कुछ कंपनियों से हुआ है, जिनका विदेश में लेन-देन है। ईडी इस तथ्य की पड़ताल कर रही है।