यादव सिंह की अकूत सम्पत्ति का राज खोलेगी ED
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोएडा अथॉरिटी के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह की संपत्तियों को खोजना शुरू कर दिया है। उसे अंदेशा है कि यादव सिंह ने यूपी के विभिन्न जिलों व उत्तराखंड में अकूत संपत्तियां बना रखी हैं।
इसके मद्देनजर ईडी ने लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों को जानकारी जुटाने को कहा है। यादव सिंह पर करोड़ों की काली कमाई करने का आरोप है।
ईडी के सूत्रों का कहना है कि अभी तक यादव सिंह पर जितनी रकम की हेराफेरी का आरोप है, उसका एक अंश ही सामने आ सका है। लिहाजा बाकी रकम का पता लगाया जा रहा है।
इसके लिए ईडी ने आयकर विभाग और सीबीआई की पड़ताल में हासिल तथ्य व दस्तावेज बरामद कर लिए हैं। तफ्तीश के दौरान सीबीआई को यादव सिंह व उसके परिवारीजनों के नाम दो दर्जन से अधिक फर्मों की जानकारी मिली थी।
कुछ फर्मों से कारोबारी रिश्ते भी
कोलकाता के कुछ फर्मों के साथ कारोबारी रिश्ते भी सामने आए थे। उनमें से कुछ फर्मों का विदेशों में भी कारोबार हो रहा था।
सीबीआई ने अंदेशा जताया था कि यादव सिंह अपनी काली कमाई का इन फर्मों के जरिये या तो विदेश में निवेश कर रहा है या इन फर्मों के खातों में रकम इधर-उधर कर काली कमाई को सफेद बनाने का धंधा कर रहा है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की तह तक पहुंचने के लिए इन फर्मों की जांच शुरू कर दी है।
यादव सिंह के करीबियों से भी होगी पूछताछ
ईडी के सूत्रों का कहना है कि फर्मों की पड़ताल में हेराफेरी के सुबूत मिलते ही पूछताछ का सिलसिला शुरू होगा। इसके दायरे में यादव सिंह, उसके परिवार के लोग, करीबी और इन फर्मों की देखरेख करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट आ रहे हैं। पूछताछ इसी सप्ताह शुरू होने की संभावना है।