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शाइन सिटी घोटाला: मास्टरमाइंड राशिद नसीम पर भगोड़ा अधिनियम के तहत केस दर्ज, 60 हजार करोड़ हड़पने का है मामला
Thu, 26 Sep 2024 11:46 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 26 Sep 2024 11:46 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश में पहली बार भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये हड़पने के बाद राशिद दुबई भाग गया।
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राशिद नसीम।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
हजारों निवेशकों के करीब 60 हजार करोड़ रुपये हड़पने वाली कंपनी शाइन सिटी के संचालक राशिद नसीम के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 (फ्यूजिटिव इकोनॉमिक अफेंडर्स एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। राजधानी स्थित ईडी की विशेष अदालत के न्यायाधीश राहुल प्रकाश (सीबीआई पश्चिम) ने इसका संज्ञान लिया है। बता दें कि प्रदेश में किसी भगोड़े अपराधी के खिलाफ दर्ज होने वाला यह पहला मुकदमा है। इससे विदेश में राशिद की संपत्तियां जब्त की जा सकेंगी।
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इस अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर सरकार ऐसे अपराधी द्वारा विदेशों में खरीदी गई संपत्तियों को जब्त कर सकेगी। ईडी के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. पेमैया केडी ने राशिद नसीम के खिलाफ मामला विशेष अदालत में दाखिल किया, जिसके बाद अदालत ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। अधिकारियों के मुताबिक राशिद नसीम दुबई भागने के बाद भगोड़े अपराधी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के साथ वर्तमान में दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों में हीरे का कारोबार कर रहा है।
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इसके लिए विदेश में कई कंपनियां भी बनाई हैं, जिनकी जांच की जा रही है। दरअसल, राशिद ने निवेशकों की रकम को फर्जी कंपनियों के जरिये अपनी विदेशी कंपनियों के खातों में डायवर्ट किया है, जिससे कई संपत्तियों को खरीदा गया। अब ईडी इन संपत्तियों को चिह्नित कर जब्त करने की कार्रवाई करेगा।
अधिनियम की शर्तें
इस अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के लिए कुछ शर्तें होती हैं। उदाहरण के तौर पर विदेश भागने वाला अपराधी 100 करोड़ रुपये से अधिक के आर्थिक अपराध में शामिल होना चाहिए। इसके अलावा वह वापस आने से इनकार कर रहा हो। साथ ही देश की किसी अदालत द्वारा उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी होना चाहिए। राशिद नसीम के मामले में ये सारी शर्तें लागू होने से इस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
अब तक इनके खिलाफ हुई कार्रवाई
विजय माल्या, नीरव मोदी, नितिन संदेसरा, चेतम संदेसरा, दीप्ति संदेसरा, हितेश कुमार नरेंद्र भाई पटेल, जुनैद इकबाल मेमन, बाजारा मेमन, आसिफ इकबाल मेमन, जाकिर नाईक, संजय भंडारी, नितीश ठाकुर, मेहुल चोकसी और जतिन मेहता।