अब वीडियो क्लिप में फंसे मुलायम, EC ने भेजा नोटिस
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यूपी से बड़ी खबर आ रही है कि चुनाव आयोग ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघ करने के लिए नोटिस भेज दिया है।
चुनाव आयोग की ओर से मुलायम को भेजे गए नोटिस में मुलायम से 20 अप्रैल को शाम पांच बजे तक सफाई देने का समय दिया गया है।
आयोग के नोटिस के मुताबिक, मुलायम सिंह यादव ने तीन अप्रैल को बुलंदशहर के पास शिकरपुर की एक जनसभा को संबोधित करते हुए शिक्षामित्रों के लिए कुछ ऐसी बातें कहीं थीं, जिस पर आचार संहिता के उल्लंघन का मामला बनता है।
इसका खुलासा एक वीडियो क्लिप से हुआ है, जो शिकायतकर्ता ने चुनाव आयोग के पास भेजी थी।
शिक्षा मित्रों को धमका रहे थे मुलायम?
आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस में भाषण की कुछ पंक्तियां भी लिखी हुई हैं, जिनके आधार पर आयोग ने मुलायम को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी माना है।
वीडियो क्लिप से आयोग ने मुलायम की कुछ बातें भी ली हैं और उसे मुलायम के सामने भी रखा है।
मुलायम ने इस रैली के दौरान जो कुछ कहा था उसमें से आयोग ने इस बात पर आपत्ति दर्ज करते हुए नोटिस भेजा है, '...शिक्षा मित्रों का जहां तक सवाल है...शिक्षा मित्रों को देख लिया है...शिक्षा मित्रों का कर दिया है, आशीर्वाद दिया है...अरे कर तो दिया है...हां तो कर दिया है वोट दीजिए, नहीं वोट देंगे तो हम विदड्रॉ कर लेंगे।'
अगर मुलायम 20 अप्रैल को शाम पांच बजे तक इस मामले पर सफाई नहीं दे सके, तो चुनाव आयोग आगे का फैसला बिना उनसे बात किए ले लेगा।
इनके बिना क्या होगा सपा का?
सपा पहले ही स्टार प्रचारकों की कमी से जूझ रही है। आजम पर चुनाव आयोग ने प्रतिबंध लगा दिया है। मुलायम को शुक्रवार को नोटिस पहुंच गया और अखिलेश अकेले आंधी-तूफान से लड़कर रैलियों पर रैलियां कर रहे हैं।
डिंपल भी पूरी जोर आजमाइश करने में लगी हुई हैं, लेकिन मुलायम और आजम के बिना सपा की ताकत अधूरी सी मानी जाती रही है।
जानकारों के मुताबिक, मुलायम के भाषण से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन जरूर हुआ है लेकिन मुलायम की रैलियों पर प्रतिबंध लगना इतना आसान नहीं है।
कुछ लोग यह जरूर मान रहे हैं कि अगर मुलायम की रैलियों पर प्रतिबंध लगता है तो यह सपा के लिए बड़ा झटका होगा।
आजम भी अपनी जिद पर अड़े
एक तरफ भाजपा के अमित शाह ने चुनाव आयोग से मांफी मांगकर अपने ऊपर लगा प्रतिबंध हटवा लिया है और वे दोबारा मैदान में कूद पड़े हैं, लेकिन सपा के आजम अपनी जिद पर अड़ हुए हैं।
शुक्रवार को आजम के समर्थन में इलाहाबाद में बवाल तो हुआ, पर आजम के सामने माफी का सवाल आया तो उन्होंन आयोग पर ही हमला बोल दिया।
आजम ने तो यहां तक कह दिया कि क्या सुप्रीम कोर्ट से बड़ा है चुनाव आयोग। उसके बाद माफी मांगने से भी मना कर दिया। इसके पहले अखिलेश और मुलायम भी आजम का समर्थन कर चुके हैं।
अब यह जिद सपा के कितने काम आएगी या इससे बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा, यह तो वक्त ही बताएगा।