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छह मेडिकल कॉलेजों व दो संस्थानों में आज से शुरू होगी ई-हॉस्पिटल सुविधा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 13 Oct 2018 09:11 AM IST
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e-hospital
- फोटो : demo pic
प्रदेश के छह पुराने राजकीय मेडिकल कॉलेजों और कानपुर के दो चिकित्सा संस्थानों में शनिवार से ई-हॉस्पिटल की सुविधा मिलने लगेगी। इसका उद्घाटन चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन करेंगे। ई-हॉस्पिटल के तहत मरीजों को ऑनलाइन पंजीकरण, अप्वाइंटमेंट और शुल्क जमा करने की सुविधा मिलेगी।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पहली बार रोगियों की सुविधा के लिए ई-हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन सिस्टम की शुरुआत की जा रही है। इसके प्रथम चरण में वर्ष 2005 से पहले बने झांसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर व इलाहाबाद के राजकीय मेडिकल कॉलेजों और कानपुर के जेके कैंसर संस्थान व हृदय रोग संस्थान को शामिल किया गया था।
बता दें, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने ई-हॉस्पिटल सेवा का पहला चरण एक अगस्त 2018 को पूरा करने का लक्ष्य रखा था, जो अब पूरा हुआ है। जबकि फार्मेसी की सुविधा शुरू करने का लक्ष्य 01 जनवरी 2019 और लैब सेवाएं 1 अप्रैल 2019 से तो रेडियोलॉजी समेत सभी 20 सुविधाएं एक अगस्त 2019 तक शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है।
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सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पहली बार रोगियों की सुविधा के लिए ई-हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन सिस्टम की शुरुआत की जा रही है। इसके प्रथम चरण में वर्ष 2005 से पहले बने झांसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर व इलाहाबाद के राजकीय मेडिकल कॉलेजों और कानपुर के जेके कैंसर संस्थान व हृदय रोग संस्थान को शामिल किया गया था।
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बता दें, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने ई-हॉस्पिटल सेवा का पहला चरण एक अगस्त 2018 को पूरा करने का लक्ष्य रखा था, जो अब पूरा हुआ है। जबकि फार्मेसी की सुविधा शुरू करने का लक्ष्य 01 जनवरी 2019 और लैब सेवाएं 1 अप्रैल 2019 से तो रेडियोलॉजी समेत सभी 20 सुविधाएं एक अगस्त 2019 तक शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है।
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पूरी योजना पर लगभग 35 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। ई-हॉस्पिटल की सुविधाओं के साथ ही यह भी प्रयास किया जा रहा है कि मरीजों को टेलीमेडिसिन व विद्यार्थियों को इसका शिक्षण मिल सके।
प्रो.केके गुप्ता, महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा ने बताया कि ई-हॉस्पिटल के लिए एनआईसी ने फ्री सॉफ्टवेयर और एकेटीयू ने तकनीकी सहयोग दिया है। ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट होने से अब मरीजों को पंजीकरण के लिए लाइन में नहीं लगना होगा।
प्रो.केके गुप्ता, महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा ने बताया कि ई-हॉस्पिटल के लिए एनआईसी ने फ्री सॉफ्टवेयर और एकेटीयू ने तकनीकी सहयोग दिया है। ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट होने से अब मरीजों को पंजीकरण के लिए लाइन में नहीं लगना होगा।