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Lucknow News: बंथरा डीटीटीआई में दो महीने बाद भी शुरू नहीं हुई ड्राइविंग टेस्टिंग
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ड्राइविंग टेस्ट सेंटर
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नीरज अम्बुज
लखनऊ। बंथरा में जिले का पहला ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं टेस्टिंग सेंटर (डीटीटीआई) खुले करीब दो महीने हो चुके हैं। हालांकि यहां स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्टिंग अब तक शुरू नहीं हो सकी है। शुरुआत में फायर एनओसी की कमी एक बाधा थी जो अब मिल चुकी है। अब सेंटर की क्षमता कम होने की बात सामने आ रही है।
सड़क सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में डीटीटीआई खोले जा रहे हैं। इनका लक्ष्य प्रशिक्षित चालकों को ही ड्राइविंग लाइसेंस देना है। बंथरा डीटीटीआई को बरेली की एक निजी एजेंसी ने खोला है। डीएल आवेदकों को आरटीओ में बायोमीट्रिक प्रक्रिया के बाद टेस्ट के लिए यहां जाना होगा।
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रोजाना 198 वाहनों की क्षमता
लखनऊ में ट्रांसपोर्टनगर और देवा रोड पर एआरटीओ कार्यालय हैं। ट्रांसपोर्टनगर में रोजाना करीब 300 और देवा रोड में 78 स्थायी डीएल के लिए टेस्टिंग होती है। वहीं, बंथरा डीटीटीआई की क्षमता प्रतिदिन 198 वाहनों की बताई जा रही है। ऐसे में आवेदकों की पेंडेंसी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ में चार डीटीटीआई खोले जाने हैं। सभी सेंटर शुरू होने के बाद ही आवेदकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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3:50 मिनट में होगा टेस्ट
डीटीटीआई में टेस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। 3:50 मिनट के टेस्ट में 60 सेकेंड में ‘8’ बनाना, 90 सेकेंड में ‘H’ ट्रैक पार करना और अगले 60 सेकेंड में पुल यानी चढ़ाई पार करनी होगी। सेंटर पर चालकों को 45 दिन की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसमें 16 दिन थ्योरी और 22 दिन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग होगी। प्रैक्टिकल में पांच दिन सिम्युलेटर, दो दिन वर्कशॉप और 15 दिन सड़क पर वाहन चलाने का अभ्यास कराया जाएगा।
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अफसरों पर अड़ंगा लगाने की आशंका
विभागीय सूत्र आशंका जता रहे हैं कि सेंटर शुरू होने में देरी के पीछे परिवहन विभाग के कुछ अफसर हैं। डीटीटीआई शुरू होने पर डीएल टेस्टिंग निजी एजेंसी के हाथ में चली जाएगी जबकि अभी यह काम आरटीओ-एआरटीओ कार्यालयों में होता है। स्थायी डीएल के नाम पर होने वाली कथित वसूली प्रभावित होने की वजह से अड़ंगा लगाया जा रहा है।
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जल्द शुरू होगी टेस्टिंग
एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि डीटीटीआई की फायर एनओसी मिल चुकी है। प्रशिक्षण और टेस्टिंग की सभी तैयारियां परखी जा चुकी हैं। जल्द ही सेंटर पर डीएल टेस्टिंग शुरू कर दी जाएगी।
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लखनऊ। बंथरा में जिले का पहला ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं टेस्टिंग सेंटर (डीटीटीआई) खुले करीब दो महीने हो चुके हैं। हालांकि यहां स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्टिंग अब तक शुरू नहीं हो सकी है। शुरुआत में फायर एनओसी की कमी एक बाधा थी जो अब मिल चुकी है। अब सेंटर की क्षमता कम होने की बात सामने आ रही है।
सड़क सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में डीटीटीआई खोले जा रहे हैं। इनका लक्ष्य प्रशिक्षित चालकों को ही ड्राइविंग लाइसेंस देना है। बंथरा डीटीटीआई को बरेली की एक निजी एजेंसी ने खोला है। डीएल आवेदकों को आरटीओ में बायोमीट्रिक प्रक्रिया के बाद टेस्ट के लिए यहां जाना होगा।
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रोजाना 198 वाहनों की क्षमता
लखनऊ में ट्रांसपोर्टनगर और देवा रोड पर एआरटीओ कार्यालय हैं। ट्रांसपोर्टनगर में रोजाना करीब 300 और देवा रोड में 78 स्थायी डीएल के लिए टेस्टिंग होती है। वहीं, बंथरा डीटीटीआई की क्षमता प्रतिदिन 198 वाहनों की बताई जा रही है। ऐसे में आवेदकों की पेंडेंसी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ में चार डीटीटीआई खोले जाने हैं। सभी सेंटर शुरू होने के बाद ही आवेदकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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3:50 मिनट में होगा टेस्ट
डीटीटीआई में टेस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। 3:50 मिनट के टेस्ट में 60 सेकेंड में ‘8’ बनाना, 90 सेकेंड में ‘H’ ट्रैक पार करना और अगले 60 सेकेंड में पुल यानी चढ़ाई पार करनी होगी। सेंटर पर चालकों को 45 दिन की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसमें 16 दिन थ्योरी और 22 दिन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग होगी। प्रैक्टिकल में पांच दिन सिम्युलेटर, दो दिन वर्कशॉप और 15 दिन सड़क पर वाहन चलाने का अभ्यास कराया जाएगा।
अफसरों पर अड़ंगा लगाने की आशंका
विभागीय सूत्र आशंका जता रहे हैं कि सेंटर शुरू होने में देरी के पीछे परिवहन विभाग के कुछ अफसर हैं। डीटीटीआई शुरू होने पर डीएल टेस्टिंग निजी एजेंसी के हाथ में चली जाएगी जबकि अभी यह काम आरटीओ-एआरटीओ कार्यालयों में होता है। स्थायी डीएल के नाम पर होने वाली कथित वसूली प्रभावित होने की वजह से अड़ंगा लगाया जा रहा है।
जल्द शुरू होगी टेस्टिंग
एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि डीटीटीआई की फायर एनओसी मिल चुकी है। प्रशिक्षण और टेस्टिंग की सभी तैयारियां परखी जा चुकी हैं। जल्द ही सेंटर पर डीएल टेस्टिंग शुरू कर दी जाएगी।