{"_id":"64c15e2c3592a7c8ca039926","slug":"dr-lastna-alone-is-running-more-than-seven-pathology-raebareli-news-c-101-1-slko1033-1619-2023-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: अकेले डॉ. अंतिमा चला रहीं सात से अधिक पैथोलॉजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: अकेले डॉ. अंतिमा चला रहीं सात से अधिक पैथोलॉजी
Wed, 26 Jul 2023 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 26 Jul 2023 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग में बड़े-बड़े खेल हैं। जिले में एक महिला चिकित्सक के नाम से सात से अधिक पैथोलॉजी संचालित की जा रही हैं। चर्चा तो यहां तक है कि इन सेंटरों पर अप्रशिक्षित कर्मचारी मरीजों की जांच कर रहे हैं। ऐसे में जांच के नाम पर ये मरीजों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक-एक करके एक ही पैथोलॉजिस्ट के शपथपत्र पर सात लैब की अनुमति दी है। पोल खुलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में अफरातफरी मच गई है।
जिले में वर्तमाय समय में 67 पैथोलॉजी लैब संचालित हैं। इसमें अकेले डॉ. अंतिमा मिश्रा के नाम से सात से अधिक लैब का संचालन हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के ऑकड़े के मुताबिक, शहर में माही डायग्नोस्टिक, मिथिला पैथोलॉजी गोराबाजार, सांभव डायग्नोस्टिक सेंटर हाथी पार्क, गोल्ड पैथ लैब डिग्री कॉलेज चौराहा, मार्डन डायग्नोस्टिक सेंटर, रायबरेली डायग्नोस्टिक सेंटर, आनंद पौथोलॉजी बछरावां संचालित है। चर्चा है कि कई और पैथोलॉजी भी इनके नाम से ही संचालित कराई जा रही हैं।
नियमानुसार पैथोलॉजिस्ट को लैब में प्रत्येक जांच का परीक्षण करके रिपोर्ट जारी करनी चाहिए, जिससे ब्लड की जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीजों का अच्छा इलाज हो सके। यदि जांच रिपोर्ट सही नहीं होगी तो मरीज का इलाज भी गलत हो सकता है। सात पैथोलॉजी होने के कारण रोजाना चिकित्सक का सभी लैब में उपलब्ध हो पाना संभव प्रतीत नहीं हो रहा है। ऐसे में कई लैब में अप्रिशिक्षित कर्मचारी ब्लड की जांच कर रहे हैं। इसका खामियाजा मरीजों को ही भोगना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में वर्तमाय समय में 67 पैथोलॉजी लैब संचालित हैं। इसमें अकेले डॉ. अंतिमा मिश्रा के नाम से सात से अधिक लैब का संचालन हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के ऑकड़े के मुताबिक, शहर में माही डायग्नोस्टिक, मिथिला पैथोलॉजी गोराबाजार, सांभव डायग्नोस्टिक सेंटर हाथी पार्क, गोल्ड पैथ लैब डिग्री कॉलेज चौराहा, मार्डन डायग्नोस्टिक सेंटर, रायबरेली डायग्नोस्टिक सेंटर, आनंद पौथोलॉजी बछरावां संचालित है। चर्चा है कि कई और पैथोलॉजी भी इनके नाम से ही संचालित कराई जा रही हैं।
विज्ञापन
नियमानुसार पैथोलॉजिस्ट को लैब में प्रत्येक जांच का परीक्षण करके रिपोर्ट जारी करनी चाहिए, जिससे ब्लड की जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीजों का अच्छा इलाज हो सके। यदि जांच रिपोर्ट सही नहीं होगी तो मरीज का इलाज भी गलत हो सकता है। सात पैथोलॉजी होने के कारण रोजाना चिकित्सक का सभी लैब में उपलब्ध हो पाना संभव प्रतीत नहीं हो रहा है। ऐसे में कई लैब में अप्रिशिक्षित कर्मचारी ब्लड की जांच कर रहे हैं। इसका खामियाजा मरीजों को ही भोगना पड़ रहा है।
विज्ञापन