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सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर लिखना डीपीओ को पड़ा भारी, सस्पेंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 09 Jun 2018 09:23 AM IST
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बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा बांटे जा रहे बच्चों के पोषाहार की खराब गुणवत्ता पर सवाल उठाना लखनऊ के जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) अखिलेंद्र दूबे को भारी पड़ा है।
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उनको सरकार ने अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है। सरकार ने दूबे द्वारा सोशल मीडिया पर विभाग की खामियों को उजागर किए जाने को सरकार की नीतियों की आलोचना मानते हुए यह कार्रवाई की है।
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मालूम हो कि डीपीओ अखिलेंद्र दूबे ने अपने ही विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया था कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार की गुणवत्ता अच्छी नहीं हैं। साथ ही उन्होंने यह सुझाव भी दिया था पोषाहार का वितरण बंद कर दिया जाना चाहिए।
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डीपीओ ने आपूर्ति करने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा खराब पोषाहार को खपाने के लिए रिश्वत दिए जाने की पेशकश किए जाने के बारे में भी ग्रुप पर लिखा था। उनके इस पोस्ट से विभाग में खलबली मच गई थी।
डीपीओ ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा था कि अगर उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह इस्तीफा भी दे सकते हैं। दूबे ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक से इस मामले की शिकायत करने की धमकी भी दी थी। शासन ने इसे सरकार की नीतियों की आलोचना मानते हुए शुक्रवार को अखिलेंद्र दूबे को निलंबित कर दिया।