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महिला डॉक्टर की मौत के मामले में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज
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लखनऊ। विभूूतिखंड थाना क्षेत्र में गत 24 अप्रैल को हुई डॉ. हृदया त्रिपाठी की मौत के मामले में मां की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत छह लोगों के खिलाफ सोमवार को दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विभूतिखंड थाना प्रभारी चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, सरोज त्रिपाठी की बेटी हृदया त्रिपाठी की मौत के मामले में पति अमित मिश्रा, ससुर डीपी मिश्रा, सास अचला मिश्रा, ननद प्रीति त्रिपाठी, मौसिया सास बबली दीक्षित व देवर अतुल मिश्रा के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सरोज के मुताबिक, 2010 में उनकी बेटी की शादी अमित मिश्रा के साथ हुई थी। शादी के दूसरे दिन से दहेज के लिए उनकी बेटी को परेशान किया जा रहा था।
आरोप है कि 2015 में उसको जान से मारने का प्रयास किया गया था। उसके बाद वह अपनी बेटी को राजाजीपुरम में अपने आवास पर ले आई थीं। हृदया उस दौरान केजीएमयू के दंत विभाग में नौकरी कर रही थी। उसके बाद साल 2019 में अमित समझौता कर ले गया था। उसके बाद फिर से उसके साथ वही प्रताड़ना शुरू कर दी गई थी। साल 2021 में उसकी तबियत खराब हो गई थी। सही इलाज न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।
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विभूतिखंड थाना प्रभारी चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, सरोज त्रिपाठी की बेटी हृदया त्रिपाठी की मौत के मामले में पति अमित मिश्रा, ससुर डीपी मिश्रा, सास अचला मिश्रा, ननद प्रीति त्रिपाठी, मौसिया सास बबली दीक्षित व देवर अतुल मिश्रा के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सरोज के मुताबिक, 2010 में उनकी बेटी की शादी अमित मिश्रा के साथ हुई थी। शादी के दूसरे दिन से दहेज के लिए उनकी बेटी को परेशान किया जा रहा था।
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आरोप है कि 2015 में उसको जान से मारने का प्रयास किया गया था। उसके बाद वह अपनी बेटी को राजाजीपुरम में अपने आवास पर ले आई थीं। हृदया उस दौरान केजीएमयू के दंत विभाग में नौकरी कर रही थी। उसके बाद साल 2019 में अमित समझौता कर ले गया था। उसके बाद फिर से उसके साथ वही प्रताड़ना शुरू कर दी गई थी। साल 2021 में उसकी तबियत खराब हो गई थी। सही इलाज न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।
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