UP: डबल मर्डर से थर्राया लखनऊ, मचा हंगामा!
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बीकेटी के सरसवां गांव के प्रधान बृजनंदन यादव के ताऊ बालकराम (60) और मामा मुन्नीलाल (50) के शव मंगलवार सुबह महोना-बेहटा रोड पर नहर में पड़े मिले। दोनों सोमवार शाम दवा लेने के लिए बाइक से निकले थे। पास ही बाइक भी पड़ी थी।
जानकारी पाकर आक्रोशित परिवारीजन मौके पर पहुंचे और पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से धक्का-मुक्की कर शव छीन लिए। गुस्साए ग्रामीणों ने महोना-बेहटा रोड पर जाम लगा दिया। विधायक गोमती यादव ने परिवारीजनों को शांत किया।
करीब तीन घंटे तक हंगामा और धरना-प्रदर्शन चला। पुलिस एक्सीडेंट की आशंका जता रही है। प्रधान ने आठ लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट लिखाई है। बुधवार को पोस्टमार्टम होगा। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
बालकराम और मुन्नीलाल का शव सुबह करीब आठ बजे ग्रामीणों ने देखा। सूचना पाकर आसपास के गांवों के हजारों लोग मौके पर एकत्र हो गए। बीकेटी सहित कई थानों की पुलिस फोर्स भी आ गई।
पुलिस से छीन ली लाशें
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। समझाने की कोशिश करने पर ग्रामीणों ने पुलिस से धक्का-मुक्की शुरू कर दी। शव छीनकर महोना-बेहटा रोड पर जाम लगा दिया।
प्रधान बृजनंदन का कहना है कि शाम करीब पांच बजे दवा लेने की बात कहकर दोनों तीन किलोमीटर दूर संसारपुर गांव के लिए घर से निकले थे। देर रात तक वापस न आने पर परिवारीजनों ने खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला।
गुमशुदगी की सूचना देने बीकेटी थाना पहुंचे तो पुलिस ने सुबह तक तलाश करने की बात कहकर टरका दिया। सुबह सरसवां गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर नहर में दोनों के शव पड़े मिल गए।
प्रधान और उनके परिवारीजनों ने बीकेटी पुलिस की लापरवाही के चलते हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। प्रधान ने संजय, इंद्रपाल उर्फ जंगबहादुर, सुरेंद्र, शैलेंद्र, दयाशंकर, सुंदरलाल, नौमीलाल और यदुनंदन उर्फ देवकी पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। उधर, पुलिस इसे हादसा मान रही है।
पुलिस के मुताबिक दोनों बुरी तरह से नशे में थे। बाइक में किसी वाहन ने टक्कर मार दी और दोनों नहर में गिर पड़े। इंस्पेक्टर का कहना है कि बुधवार को पोस्टमार्टम में मौत की वजह सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिवाली के दिन से चल रही थी तनातनी
प्रधान बृजनंदन और गांव के ही राम सिंह के बीच पुरानी रंजिश है। दिवाली के दिन बच्चों के बीच मामूली झगड़े के बाद राम सिंह और उसके साथियों ने असलहों से लैस होकर प्रधान के घर पर हमला कर दिया था।
ताबड़तोड़ फायरिंग में प्रधान और उनका भाई संजय उर्फ ध्रुव कुमार सहित सात लोग घायल हो गए थे। संजय अब भी ट्रामा सेंटर में गंभीर हालत में भर्ती है।
हमलावरों ने जमकर तोड़फोड़ और पथराव किया था। बृजनंदन ने 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर की थी जिसमें से पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया था।