जरूरी सूचना: वैध माने जाएंगे डिजिलॉकर व एम परिवहन एप पर उपलब्ध वाहनों के दस्तावेज
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राज्य सरकार ने डिजिलॉकर व एम परिवहन एप पर वाहनों के दस्तावेज को वैध न मानने के पुलिस व परिवहन कर्मियों की मनमानी पर संज्ञान लिया है। हालांकि इस बाबत जनवरी से आदेश जारी हैं, लेकिन एक सितंबर से लागू हुए नए मोटरयान अधिनियम में इस व्यवस्था को न मानने की शिकायतों के मद्देनजर परिवहन विभाग ने पुन: आदेश जारी किया है।
इसमें पुलिस व प्रवर्तन का काम देखने वाले परिवहन विभाग के अधिकारियों को डिजिलॉकर या एम परिवहन एप पर मौजूद व अपलोड ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों की आरसी, इंश्योरेंश की प्रति आदि दस्तावेज को वैध मानने का निर्देश दिया गया है। यानी डिजिलॉकर के माध्यम से ऐसे दस्तावेज का इलेक्ट्रॉनिक रूप भी मान्य होगा।
प्रमुख सचिव परिवहन अरविंद कुमार ने पुलिस महानिदेशक और परिवहन आयुक्त को डिजिलॉकर और एम परिवहन एप पर अपलोड वाहनों के कागजात को वैध मानने संबंधी आदेश का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा, जानकारी के अभाव में लोग डिजिलॉकर व एम परिवहन एप की सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने प्रवर्तन कार्य की गाइडलाइन के व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया है।
आईटी एक्ट-2000 के तहत डिजिलॉकर पर उपलब्ध दस्तावेज वैध
बता दें कि आईटी एक्ट-2000 के तहत डिजिलॉकर या एम परिवहन एप पर उपलब्ध दस्तावेजों की ई-कॉपी को वैध मानने का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों एप लॉन्च किए थे।
उस वक्त यह अधिसूचना जारी की गई थी कि अगर प्रवर्तन कार्य के दौरान किसी भी अभियोग के अधिरोपित होने की स्थिति में वाहन के दस्तावेज का जब्त करना जरूरी हो तो दस्तावेज को ई-चालान के जरिये जब्त किया जाए। इससे जब्त दस्तावेज की स्थिति वाहन डाटाबेस पर प्रदर्शित हो सकेगी।
क्या है डिजिलॉकर
डिजिलॉकर क्लाउड स्टोरेज पर आधारित एक वर्चुअल लॉकर है। एक बार इस लॉकर में अपने दस्तावेज अपलोड करने के बाद उसकी मूल प्रति यानी हार्ड कॉपी को साथ रखने की जरूरत नहीं होती है। संबंधित अधिकारी के मांगने पर आप इसे दिखा सकते हैं।
इतना ही नहीं, इस एप के माध्यम से कहीं भी और कभी भी दस्तावेज जमा कर सकते हैं। इस लॉकर में शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के दस्तावेज डिजिटल फॉर्म में रखे जा सकते हैं।