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यूपीः प्राइवेट प्रैक्टिस बंद न की तो जेल जाएंगे ये डॉक्टर

Wed, 25 Nov 2015 12:05 PM IST
Updated Wed, 25 Nov 2015 12:05 PM IST
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doctors send to the jail if do private practise

चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने मेडिकल कॉलेजों के उन शिक्षकों को चेतावनी दी है जो अपने काम के बजाय प्राइवेट प्रैक्टिस पर ज्यादा ध्यान देते हैं। उन्होंने कहा कि एक बार सभी को सुधरने का मौका दूंगा, यदि इसके बाद भी न सुधरे तो ऐसे डॉक्टरों को जेल भेजा जाएगा।

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राज्यमंत्री मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने बताया कि विभाग में शिक्षकों के काफी पद खाली पड़े हैं। इन पदों पर जल्द भर्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मेडिकल कॉलेजों की कमियों को तत्काल दूर करने के लिए भी कहा गया है।
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मंत्री ने कहा कि वे खुद मेडिकल कॉलेजों का औचक निरीक्षण करेंगे। उस दौरान यदि कमी मिली तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में आने वाले मरीजों के साथ सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार किया जाना चाहिए, जबकि आए दिन जूनियर डॉक्टरों व तीमारदारों के बीच संघर्ष के मामले सामने आते रहते हैं।
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इसे देखते हुए प्रिंसिपलों से कहा गया है कि वे अपने यहां जूनियर डॉक्टरों की बैठक बुलाकर उन्हें इस बारे में समझाएं। तीमारदारों के साथ उनका व्यवहार ठीक हो, इसके लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए जाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है।

असाध्य रोगों के इलाज के लिए बीपीएल कार्ड नहीं होगा जरूरी

doctors send to the jail if do private practise

अधिकारियों को नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। गोरखपुर में बन रहे 500 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य दिसंबर 2016 तक पूरा करने के लिए कहा है। जेई-एईएस की बीमारी से निपटने के लिए शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया जाएगा।

मंत्री ने कहा, बीपीएल परिवारों का असाध्य रोगों का इलाज मुफ्त होता है, लेकिन इसके लिए बीपीएल कार्ड की जरूरत होती है। बीमार व्यक्ति कार्ड लेकर अस्पताल नहीं पहुंचता है। इसे देखते हुए वे सीएम से बात कर बीपीएल कार्ड की अनिवार्यता खत्म कराएंगे।

मंत्री ने बताया कि गोरखपुर मेडिकल कॉलेज को कैंसर के इलाज के लिए कोबाल्ट मशीन दे दी गई है। वहां आगामी एक जनवरी से रेडियोथेरेपी के साथ ही एमआरआई व सीटी स्कैन की सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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