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सरकारी अस्पतालों में दस सालों से जमे डॉक्टर हटेंगे

Sat, 02 Apr 2022 01:36 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2022 01:36 AM IST
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doctors posted more than ten years will be removed
आने वाले दिनों में राजधानी के सरकारी अस्पतालों में इलाज मिलना और मुश्किल हो सकता है। कई विभागों की तो यूनिट बंद होने का संकट है। ऐसा महानिदेशालय के फरमान की वजह से है, जिसमें सरकारी अस्पतालों में दस सालों से अधिक समय तक जमे डॉक्टरों को जिले या मंडल से बाहर किया जाएगा। सभी अस्पतालों से एक सप्ताह में लेवल एक से तीन तक के डॉक्टरों की सूची मांगी गई है। अनुमान के मुताबिक हर सरकारी अस्पताल में ऐसे 20 से अधिक डॉक्टर होंगे, जो दस साल से अधिक समय से सेवा दे रहे हैं। अहम बात यह है कि कुछ विभागों के विशेषज्ञों का तबादला हो गया तो उनकी यूनिट ही बंद हो जाएगी।
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स्वास्थ्य महानिदेशालय ने बीते साल वर्षों से जमे बाबुओं को गैर जनपद भेजा था। अब सरकारी अस्पतालों में दस साल से अधिक समय से काम कर रहे डॉक्टरों की सूची तलब की है। निदेशक प्रशासन डॉ. राजागणपति आर ने बृहस्पतिवार को बलरामपुर, लोहिया, डफरिन, झलकारी बाई, रानी लक्ष्मीबाई, लोकबंधु, राम सागर मिश्रा समेत सभी अस्पतालों से लेवल तीन तक के डॉक्टरों की जानकारी एक सप्ताह में मांगी है। इसके बाद डॉक्टरों के तबादले पर फैसला होगा। इसमें बलरामपुर, सिविल अस्पताल में खास विधा के डॉक्टरों केे तबादला होने पर कई विभाग बंद होने की कगार पर आ जाएंगे। इसकी वजह यह है कि प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ में इस विधा के डॉक्टर सीमित हैं। प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी विभाग में एक-एक डॉक्टर हैं। इसी तरफ नेफ्रोलाजी की यूनिट में भी डॉक्टरों का संकट है।
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