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केजीएमयूः खून की उल्टी कर रहे कोरोना संक्रमित बच्चे की डॉक्टरों ने यूं बचाई जान
Mon, 09 Nov 2020 01:18 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 09 Nov 2020 01:18 PM IST
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डॉक्टरों ने कोरोना संक्रमित बच्चे की बचाई जान
- फोटो : अमर उजाला
खून की उल्टी कर रहे 11 साल के कोरोना संक्रमित बच्चे की केजीएमयू के चिकित्सकों ने इंडोस्कोपी कर जान बचाई। अभी तक प्रदेश के ज्यादातर संस्थानों में पॉजिटिव मरीजों की इंडोस्कोपी नहीं की जा रही है। ऐसे में इस टीम ने खुद को सुरक्षित करते हुए बच्चे की जान बचाने में सफलता पाई है।
कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आते ही उसे डिस्जार्च कर दिया जाएगा। सुल्तानपुर निवासी मासूूम कोरोना की चपेट में था। पिछले सोमवार रात उसे खून की उल्टियां होने लगीं। सुल्तानपुर से रेफर होकर वह केजीएमयू पहुंचा और पीडियाट्रिक आईसीयू में डॉ. संजीव कुमार वर्मा की देखरेख में भर्ती हुआ। उसे दो यूनिट ब्लड चढ़ाया गया।
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कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आते ही उसे डिस्जार्च कर दिया जाएगा। सुल्तानपुर निवासी मासूूम कोरोना की चपेट में था। पिछले सोमवार रात उसे खून की उल्टियां होने लगीं। सुल्तानपुर से रेफर होकर वह केजीएमयू पहुंचा और पीडियाट्रिक आईसीयू में डॉ. संजीव कुमार वर्मा की देखरेख में भर्ती हुआ। उसे दो यूनिट ब्लड चढ़ाया गया।
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क्यों हो रही थीं खून की उल्टियां
कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने इमरजेंसी में इंडोस्कोपी के निर्देश दिए। मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित रूंगटा, डॉ. कमलेंद्र वर्मा, डॉ. गुलाम अख्तर एवं इंडोस्कोपिक टेक्नीशियन जितेंद्र एवं अनिकेत के साथ इंडोस्कोपी कर आंतरिक रक्तस्राव को बंद करने में सफलता पाई।
जांच के दौरान पाया गया कि बच्चे की आहार नली में सिरोसिस की समस्या थी। नसें के अगले हिस्से में ब्लॉकेज होने की वजह से रक्तस्राव होने लगा था।
जांच के दौरान पाया गया कि बच्चे की आहार नली में सिरोसिस की समस्या थी। नसें के अगले हिस्से में ब्लॉकेज होने की वजह से रक्तस्राव होने लगा था।