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सात हजार रुपये न होने पर मरीज को ट्रॉमा से भगाया

Fri, 15 Jan 2016 01:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 15 Jan 2016 01:39 AM IST
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Doctors ignored a patient for not having money.

केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में आर्थोपैडिक विभाग के डॉक्टरों ने सात हजार रुपये न होने के कारण पिंकी नाम की एक लड़की का ऑपरेशन करने से मना कर दिया। उसके परिवारीजनों से कहा कि जब रुपये हो तो वापस आना। इसके बाद उसे वार्ड से बाहर निकाल दिया गया।

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जब उसने रुपये गांव से मंगाने की बात कही तो डॉक्टर ने धक्का देकर बाहर निकाल दिया। यही नहीं वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने उसे एक तमाचा भी जड़ दिया।

पिता कई घंटे तक ट्रॉमा सेंटर भवन के पिछले गेट पर बेटी को लेकर पड़ा रहा। जब इसकी जानकारी केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय कुमार को हुई तो उन्होंने पिंकी को वापस भर्ती कराया।
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बरेली के नेवादा गांव की निवासी पिंकी (14) मां मिथलेश और मौसी के साथ 7 जनवरी को बाजार गई थी। लौटते समय रास्ते में पड़ने वाली एक रेलवे क्रॉसिंग पर वो ट्रेन की चपेट में आ गई। इससे उसके दोनों हाथों और पैर में गंभीर चोटें आईं।
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बरेली के एक अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया। वहां हाथों को कोहनी के पास से काट दिया गया। बाएं पैर में फ्रैक्चर के लिए प्राथमिक चिकित्सा दी और उसे केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।

जेवर बेच कर गिरवी रखे, तब मिले पैसे

Doctors ignored a patient for not having money.

पिंकी के पिता बादाम सिंह ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करने के बाद उसे खून चढ़ाया गया। हाथ के एक्स-रे किए गए। पट्टियां बदली गईं। जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि बाएं हाथ में कोहनी के ऊपर फ्रैक्चर है। उसमें ऑपरेशन से प्लेट लगेगी। जिसमें सात हजार रुपये खर्चा आएगा।

बादाम सिंह ने बताया कि पत्नी के जेवर गिरवी रखकर इलाज के लिए 20 हजार रुपये जुगाड़ किए थे। आधे बरेली में और बचे पैसे लखनऊ में खर्च हो गए।

बुधवार को अचानक डॉक्टर ने जब सात हजार रुपये का इंतजाम करने के लिए कहा तो पिंकी के परिवारीजन परेशान हो गए। जेब में मात्र 1500 रुपये बचे थे।

पहले ही तीन-चार बार में 500-700 रुपये करके तीन हजार ट्रॉमा सेंटर में खर्च हो गए थे। नए खर्च ने चिंता और बढ़ा दी।

पैसे न होने पर भड़क गए डॉक्टर

Doctors ignored a patient for not having money.

बुधवार को वार्ड में मौजूद डॉक्टर से रुपये न होने की बात कही तो डॉक्टर नाराज हो गए। बृहस्पतिवार सुबह फिर से डॉक्टर आए और रुपये के बारे में पूछा।

जब बादाम ने मनाकर दिया तो डॉक्टरों ने उसे वार्ड से बाहर कर दिया। वहीं सिक्योरिटी गार्ड ने एक तमाचा भी मार दिया।

इसके बाद वो पिंकी को लेकर नीचे आ गया। दोपहर बाद 3.30 बजे के करीब चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय कुमार के निर्देश पर उसे वापस वार्ड में भर्ती किया गया।

पूरा इलाज दिया जाएगा
मामले पर केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने कहा, पिंकी को भर्ती कर लिया गया है। उसके इलाज में जो भी जरूरत होगी, उसे पूरा किया जाएगा। गरीब मरीजों के इलाज के लिए केजीएमयू में पूरी व्यवस्था है।

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