डॉक्टरों का कमाल, 6 घंटे में दिल से निकाला ट्यूमर
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डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों ने दिल से ट्यूमर निकाल कर मरीज को नई जिंदगी दी है। संस्थान में इस तरह की क्रिटिकल हार्ट सर्जरी पहली बार की गई है। शरीर के दाएं हिस्से में लकवा मारने के बाद परिवारीजन पीड़ित को लेकर एक महीने पहले लोहिया संस्थान पहुंचे।
न्यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने जांच के बाद मरीज को हृदय रोग सर्जन को रेफर कर दिया। हृदय रोग विशेषज्ञों ने पाया कि मरीज के दिल में ट्यूमर है और शरीर को इसी वजह से लकवा मार गया है। जरूरी जांच कराने के बाद सर्जरी प्लान की गई। बीते सोमवार को छह घंटे की जटिल सर्जरी के बाद मरीज की हालत पूरी तरह ठीक है। वह तेजी से रिकवर कर रहा है।
नगराम के रहने वाले दिलीप कुमार (40) को करीब एक महीने पहले शरीर के बाएं हिस्से में लकवा मार गया। परिवारीजन आनन-फानन में परिवारीजन से लोहिया संस्थान लेकर पहुंचे।
संस्थान के हार्ट सर्जन डॉ. एसएस राजपूत ने बताया कि टू-डी ईको जांच की गई तो पता चला कि मरीज के दिल में ट्यूमर है जिसे डॉक्टरी भाषा में लेफ्ट एट्रियल मिक्जोमा कहते हैं। ट्यूमर पांच इंच लंबा और चार इंच चोड़ा था।
हार्ट लंग बाईपास मशीन ने किया दिल का काम
डॉ. एसएस राजपूत ने बताया कि इस सर्जरी में दिल का काम हार्ट लंग बाईपास मशीन ने किया। उन्होंने बताया कि हार्ट लंग बाईपास मशीन पर मरीज को जब सर्जरी के लिए शिफ्ट किया जाता है तो उसके कार्ट को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है।
हार्ट की पंपिंग से जिन नसों से रक्त की सप्लाई होती है उनको मशीन से कनेक्ट कर दिया जाता है। इस दौरान ऑक्सीजीनेटेड प्योर ब्लड शरीर के भीतर चलता रहता है। सर्जन डॉ. शोएब अली बताते हैं कि लंग हार्ट बाईपास मशीन की कीमत करीब एक करोड़ 25 लाख है।
डॉ. एसएस राजपूत ने बताया कि ट्यूमर का कुछ हिस्सा रक्त प्रवाह के साथ दिमाग के भीतर सेरीब्रल आर्टरी में चला गया जिससे दिमाग की कोशिकाओं में रक्त प्रवाह बंद हो गया और मरीज को लकवा की शिकायत हो गई।
मरीज अब तेजी से ठीक हो रहा है और दो दिन बाद डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि ये एक तरह का कैंसर है जो किसी को भी हो सकता है।