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लोहिया संस्थानः स्टेंट में इनोवेशन कर दुरुस्त की दिमाग की नस, बचाई मरीज की जान
Thu, 27 Aug 2020 01:29 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 27 Aug 2020 01:29 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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लोहिया संस्थान के न्यूरो सर्जन डॉ. कुलदीप यादव ने अब स्टेंट में इनोवेशन कर मरीज की जान बचाने में कामयाबी हासिल की है। जिस बीमारी में आमतौर पर आठ लाख का स्टेंट प्रयोग होता था, उसमें तीन लाख वाले स्टेंट को लगाकर मरीज को ठीक कर दिया है। यह सर्जरी भी बिना सिर खोले की गई है।
इसमें जांघ के रास्ते सिर तक कैथेटर ले जाकर स्थापित किया गया है। मरीज को होश आ गया है। गोरखपुर निवासी ज्ञानवती (40) को पांच दिन पहले बेहोश होने पर घरवालों ने लोहिया संस्थान में भर्ती कराया था। न्यूरो सर्जन डॉ. कुलदीप यादव ने जांच कराई तो पता चला कि एन्युरिज्म हुआ है।
दिमाग की नस फटने से एकाम नामक ब्रेन की धमनी में विकृति आ गई है। नस गुब्बारे की तरह फूल गई और रक्तस्राव हो रहा है। इसे ठीक करने के लिए आठ से नौ लाख के फ्लो डायवर्टर लगाने की जरूरत थी। परिजनों ने आर्थिक बोझ उठाने में असमर्थता जताई थी। डॉ. कुलदीप ने बताया कि सिर को बिना खोले ही जांच के रास्ते एन्युरिज्म तक पहुंचा गया। इसमें छह घंटे लग गए।
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इसमें जांघ के रास्ते सिर तक कैथेटर ले जाकर स्थापित किया गया है। मरीज को होश आ गया है। गोरखपुर निवासी ज्ञानवती (40) को पांच दिन पहले बेहोश होने पर घरवालों ने लोहिया संस्थान में भर्ती कराया था। न्यूरो सर्जन डॉ. कुलदीप यादव ने जांच कराई तो पता चला कि एन्युरिज्म हुआ है।
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दिमाग की नस फटने से एकाम नामक ब्रेन की धमनी में विकृति आ गई है। नस गुब्बारे की तरह फूल गई और रक्तस्राव हो रहा है। इसे ठीक करने के लिए आठ से नौ लाख के फ्लो डायवर्टर लगाने की जरूरत थी। परिजनों ने आर्थिक बोझ उठाने में असमर्थता जताई थी। डॉ. कुलदीप ने बताया कि सिर को बिना खोले ही जांच के रास्ते एन्युरिज्म तक पहुंचा गया। इसमें छह घंटे लग गए।
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