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Lucknow News: मुख्तार अंसारी के गुर्गे डीएल बनाने वाले प्राइवेटकर्मियों से कर रहे वसूली
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भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने उठाया मुद्दा, लगाया वसूली का आरोप
परिवहन अधिकारी मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस की नीति की कर रहे अनदेखी
मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, उठाई जांच की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस का कामकाज देखने वाले प्राइवेटकर्मियों की भर्ती में धांधली एवं वसूली का आरोप भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने लगाया है। उन्होंने मुख्तार अंसारी के गुर्गे पर पैसा लेकर प्राइवेटकर्मियों की नियुक्ति व उनसे वसूली का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर जांच की मांग की है।
ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, प्रिंटिंग व डिलीवरी का कामकाज प्रदेशभर में तीन निजी एजेंसियों के हवाले है। परिवहन विभाग ने यह जिम्मेदारी सिल्वर टच, फोकाम नेट व रोजमार्टा को सौंपी है। फोकाम नेट कंपनी के पास कानपुर व आगरा जोन के 25 जिले हैं। इन जिलों में कंपनी की ओर से 125 प्राइवेटकर्मियों को नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि प्राइवेटकर्मियों की नियुक्ति में मोटी रकम वसूली गई है। लेकिन परिवहन विभाग के अफसर मामला उजागर होने के बावजूद चुप्पी साधे रहे। यही वजह है कि प्रदेशभर से परिवहन आयुक्त किंजल सिंह को मामले की जांच के पत्र भेजे जा रहे हैं। लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। अब भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि फोकाम नेट की ओर से मुख्तार अंसारी के गुर्गे राशिद फारुकी को नियुक्त किया गया है, जो प्राइवेटकर्मियों की नियुक्ति से लेकर उनसे वसूली तक का कार्य कर रहा है। उन्होंने लिखा है कि आरोप बेहद गंभीर व भ्रष्टाचार से जुड़ा है। उप्र सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। ऐसे में परिवहन विभाग के अफसर प्रदेश सरकार की नीतियों की अनदेखी कर रहे हैं। अतः मामले की जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने भाजपा नेता आकाश राय के भेजे पत्र का भी हवाला दिया है। बता दें कि फोकाम नेट के मालिक निलय रॉय की भी इसमें मिलीभगत है। सूत्र बताते हैं कि मुख्तार अंसारी के गुर्गे ने अकेले मऊ जिले के दर्जनों कर्मचारियों को डीएल बनाने के काम में नियुक्त कर दिया है। इन तैनातियों के एवज में मोटी रकम वसूली गई है। हालांकि जांच होने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकेगा।
कर्मचारियों से ही वसूल रहे उनकी पगार
अमर उजाला लखनऊ संस्करण में बीती 12 जनवरी को 'कर्मचारियों से ही वसूली जा रही उनकी पगार' शीर्षक खबर प्रकाशित की थी। मामले के तहत फोकाम नेट की ओर से तैनात किए गए कर्मचारियों से मैनेजर तुषार गर्ग व सुभाष गिरि कर्मचारियों से उनकी ही पगार वसूल रहे थे। कर्मचारियों पर पहले तनख्वाह के 13 हजार रुपये देने और फिर यही धनराशि उनके खातों में सैलरी के नाम पर भेजने को कह रहे थे।
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पहले की वसूली, फिर 15 को निकाला
फोकाम नेट के मैनेजर तुषार गर्ग व सुभाष गिरि की ओर से प्राइवेटकर्मियों से डीएल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कम्प्यूटर, वेबकैम, बैटरी वगैरह सिस्टम खरीदवा लिए गए। इसके बाद जब कर्मचारियों की शिकायत पर मामला उजागर हुआ तो उन कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाल दिया गया। ऐसे 15 प्राइवेटकर्मी मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
परिवहन अधिकारी मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस की नीति की कर रहे अनदेखी
मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, उठाई जांच की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस का कामकाज देखने वाले प्राइवेटकर्मियों की भर्ती में धांधली एवं वसूली का आरोप भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने लगाया है। उन्होंने मुख्तार अंसारी के गुर्गे पर पैसा लेकर प्राइवेटकर्मियों की नियुक्ति व उनसे वसूली का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर जांच की मांग की है।
ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, प्रिंटिंग व डिलीवरी का कामकाज प्रदेशभर में तीन निजी एजेंसियों के हवाले है। परिवहन विभाग ने यह जिम्मेदारी सिल्वर टच, फोकाम नेट व रोजमार्टा को सौंपी है। फोकाम नेट कंपनी के पास कानपुर व आगरा जोन के 25 जिले हैं। इन जिलों में कंपनी की ओर से 125 प्राइवेटकर्मियों को नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि प्राइवेटकर्मियों की नियुक्ति में मोटी रकम वसूली गई है। लेकिन परिवहन विभाग के अफसर मामला उजागर होने के बावजूद चुप्पी साधे रहे। यही वजह है कि प्रदेशभर से परिवहन आयुक्त किंजल सिंह को मामले की जांच के पत्र भेजे जा रहे हैं। लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। अब भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि फोकाम नेट की ओर से मुख्तार अंसारी के गुर्गे राशिद फारुकी को नियुक्त किया गया है, जो प्राइवेटकर्मियों की नियुक्ति से लेकर उनसे वसूली तक का कार्य कर रहा है। उन्होंने लिखा है कि आरोप बेहद गंभीर व भ्रष्टाचार से जुड़ा है। उप्र सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। ऐसे में परिवहन विभाग के अफसर प्रदेश सरकार की नीतियों की अनदेखी कर रहे हैं। अतः मामले की जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने भाजपा नेता आकाश राय के भेजे पत्र का भी हवाला दिया है। बता दें कि फोकाम नेट के मालिक निलय रॉय की भी इसमें मिलीभगत है। सूत्र बताते हैं कि मुख्तार अंसारी के गुर्गे ने अकेले मऊ जिले के दर्जनों कर्मचारियों को डीएल बनाने के काम में नियुक्त कर दिया है। इन तैनातियों के एवज में मोटी रकम वसूली गई है। हालांकि जांच होने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकेगा।
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कर्मचारियों से ही वसूल रहे उनकी पगार
अमर उजाला लखनऊ संस्करण में बीती 12 जनवरी को 'कर्मचारियों से ही वसूली जा रही उनकी पगार' शीर्षक खबर प्रकाशित की थी। मामले के तहत फोकाम नेट की ओर से तैनात किए गए कर्मचारियों से मैनेजर तुषार गर्ग व सुभाष गिरि कर्मचारियों से उनकी ही पगार वसूल रहे थे। कर्मचारियों पर पहले तनख्वाह के 13 हजार रुपये देने और फिर यही धनराशि उनके खातों में सैलरी के नाम पर भेजने को कह रहे थे।
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पहले की वसूली, फिर 15 को निकाला
फोकाम नेट के मैनेजर तुषार गर्ग व सुभाष गिरि की ओर से प्राइवेटकर्मियों से डीएल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कम्प्यूटर, वेबकैम, बैटरी वगैरह सिस्टम खरीदवा लिए गए। इसके बाद जब कर्मचारियों की शिकायत पर मामला उजागर हुआ तो उन कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाल दिया गया। ऐसे 15 प्राइवेटकर्मी मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।